
आचार संहिता में 'बेकडेटÓ की गली
आदर्श आचार संहिता के बीच मप्र राज्य आेपन स्कूल, मदरसा बोर्ड और मप्र महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के आधिकारिक पोर्टल पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री, राज्यमंत्री के फोटोयुक्त विज्ञापनों के जरिए योजनाओं का प्रचार किया जा रहा है। दोनों पोर्टल पर सरकारी योजनाओं के साथ ही राजनीतिक दलों से जुड़े अन्य नेताओं के भी फोटो अपलोड कर रखे हैं।
मदरसा बोर्ड का होम पेज
इसके होम पेज पर आधा दर्जन नेताओं के फोटो, ब्रोशर, और फ्लेक्श-बैनर का प्रचार किया जा रहा है। इनमें शिवराज सिंह चौहान, नंदकुमार सिंह चौहान, अर्चना चिटनीस, विजय शाह, ललिता यादव, मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष प्रोफेसर सैयद इमाद उद्दीन, सुरेंद्र नाथ सिंह के फोटो अपलोड है। शिवराज सिंह चौहान मदरसा बोर्ड के छात्रों के साथ नजर आ रहे हैं। वहीं एक फोटो में किताब का विमोचन कर रहे हैं। बोर्ड के स्टॉफ में अध्यक्ष के तौर पर प्रोफेसर सैयद इमाद उद्दीन का नाम अब भी दर्ज है।
ओपन स्कूल का होम पेज
ओपन स्कूल की वेबसाइट के होम पेज पर शिवराज सिंह, विजय शाह, दीपक जोशी का फोटो और उनके पद लिखे हुए हैं। वहीं, दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह के फोटो के साथ ओपन स्कूल और कौशल विकास विभाग की योजना का विज्ञापन लगा रखा है। जिसमें लिखा है कि आइटीआइ उत्तीर्ण विद्यार्थी होंगे कक्षा १२वीं के समकक्ष, रोजगार के साथ-साथ उच्च शिक्षा के लिए अवसर भी। साथ ही इस विज्ञापन में योजना के लाभ के बारे में भी बताया गया है। इस साइट का मैंटेनेंस ओपन स्कूल प्रबंधन ही करता है। गौरतलब है कि पत्रिका ने तीनों संस्थाओं के प्रबंधन से बात की तो आनन-फानन में कुछ कंटेंट तो हटा दिया, लेकिन कुछ कंटेंट खबर लिखे जाने तक प्रदर्शित हो रहा है।
संस्कृत संस्थान का होम पेज
संस्थान के होम पेज पर शिवराज सिंह, विजय शाह और दीपक जोशी का फोटो लगा हुआ है। इसके अलावा फोटो गैलरी में करीब ६६ फोटो बारी-बारी से फ्लेश हो रहे हैं। इनमें मुख्यमंत्री, मंत्री, राज्यमंत्री और अन्य नेताओं के फोटो है। वहीं सरकारी कार्यक्रमों, योजनाओं से जुड़े हुए फोटो भी फ्लेश हो रहे हैं। इसमें सरकारी कार्यक्रमों के होर्डिंग-बैनर-पोस्टरों पर नेताओं के फोटो भी फ्लेश किए जा रहे हैं। साइट पर विजय शाह को विभागीय मंत्री दिखाया गया है।
आचार संहिता का अक्षरश: पालन किया जा रहा है। पोर्टल पर फोटो थे, उन्हें हटा दिया गया है। एेसा कोई भी फोटो आदि प्रदर्शित नहीं होने दिया जाएगा।
पीआर तिवारी, संचालक ओपन स्कूल और संस्कृत संस्थान
Updated on:
10 Oct 2018 08:39 am
Published on:
10 Oct 2018 08:39 am
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