4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

टेंट में नहीं अब खेल मैदान में सभा करेंगे राहुल गांधी

प्रशासन ने बदली शर्त
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Deepesh Tiwari

•

Updated: 24 May 2018, 7:30 PM IST

rahul gandhi

टेंट में नहीं अब खेल मैदान में सभा करेंगे राहुल गांधी

भोपाल। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की 6 जून को मंदसौर के पिपलिया मंडी में होने वाली सभा के लिए जिला प्रशासन ने बेतुकी शर्त हटाते हुए वहां के सरकारी स्कूल मैदान सभा करने की मंजूर दी है। पहले प्रशासन ने स्कूल मैदान में सिर्फ 15 बाय 15 फीट का टेंट लगाकर सभा की अनमुति दी थी। इस समाचार को पत्रिका ने बुधवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया। समाचार प्रकाशित होने के बाद कांग्रेस भी सक्रिय हुई और उसने विरोध जताया। आनन-फानन में जिला प्रशासन ने पुराने अनुमति पत्र को निरस्त करते हुए नया अनुमति आदेश जारी कर दिया। नए आदेश में टेंट की शर्त हटा दी गई है। इसके साथ ही 10 डेसीबल से कम का सांउड सिस्टम इस्तेमाल करने की शर्त भी हटा दी गई है।

दलितों को साधने राहुल ने भेजे नेता

एआईसीसी प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग को साधने के लिए दो नेताओं को भेज रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अनुसूचित जाति विभाग के उपाध्यक्ष ब्रजलाल खाबरी और गुजरात के पूर्व विधायक सिद्धार्थ परमार को प्रदेश में अजा वर्ग के लोगों के बीच काम कर कांग्रेस के पक्ष में एकजुट करने का जिम्मा सौंपा है। ये नेता जल्द ही प्रदेश में दौरे करेंगे।

नागरगोजे अब उपसचिव खाद्य

2007 बैच के आईएएस नागरगोजे मदन विभीषण को उपसचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति पदस्थ किया है। इन्हें पहले उपसचिव मंत्रालय से उपसचिव गृह बनाया था। रामसिंह निगवाल को उपसेनानी आरएपीटीसी इंदौर बनाया है। पहले इन्हें स. सेनानी अग्निशमन इंदौर से उपसेनानी 26वीं बटालियन गुना किया गया था।

उत्साह पड़ जाता भारी

सरकार में खुद को खासमखास साबित करने का अति-उत्साह कभी-कभी भारी पड़ जाता है। ऐसा ही एक प्रमुख सचिव के साथ हुआ। प्रदेश कांग्रेस के आंदोलन की भनक साहब को जैसे ही मिली, वैसे ही उन्होंने डैमेज कंट्रोल के लिए दूसरे प्रमुख सचिव को अलर्ट करने के लिए फोन लगा दिया। लेकिन गलती से साहब का फोन मिलते-जुलते नाम के कांग्रेसी नेता को लग गया। साहब कुछ बोलते, इससे पहले ही संदेह होने पर मोबाइल स्क्रीन पर देखा तो ठिठक गए। तत्काल फोन काट दिया और ऊपर वाले का शुक्र अदा किया कि बाल-बाल बच गए। पता नहीं आगे चलकर किसकी सरकार बन जाए।