ऐसे मिला कृष्णा गौर को टिकट!...
राजनीति के जानकारों की माने तो गोविंदपुरा जैसी हाईप्रोफाइल सीट को भाजपा किसी भी स्थिति में हारने को तैयार नहीं थी। ऐसे में बाबूलाल के विरोध में आने से भाजपा के लिए लगातार मुश्किलें बढ़ती जा रहीं थी, लेकिन भाजपा पूरी तरह से कमजोर भी नहीं दिखना चाहती थी इसी को लेकर टिकट कृष्णा गौर को दिया गया।