
विधानसभा चुनाव 2018: अब संघ जुटा रहा भाजपा के लिए प्रत्याशी
भोपालः मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव नज़दीक है। ऐसे में भाजपा की चुनावी स्थिति के नतीजे पूरी तौर पर सुगम ना आने के चलते केंद्र और राज्य सरकार के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी भाजपा के लिए चुनावी तैयारी करने में जुट गया है। संघ अब भाजपा के लिए मज़बूत प्रत्याशियों का चयन करने में जुटा है। सरकार पहले ही यह तय कर चुकी है कि, जिन विधायकों का रिकार्ड जनता के बीच ठीक नहीं होगा, या उनके कार्यकाल में उनका परफार्मेंस ठीक नही होगा। ऐसे विधायक आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट की उम्मीद ना रखें।
नकारात्मक नतीजों ने बढ़ाई चिंता
इसी के मद्देनज़र संघ द्वारा प्रदेशभर के लगभग सभी विधायकों का सर्वे कराया गया, जिसमें करीब 70 फीसदी विधायकों के प्रति नतीजे नकारात्मक सामने आए। कई विधायकों को लेकर क्षेत्र की जनता नाराज़ भी दिखी। इसकी रिपोर्ट बनाकर संघ ने केंद्र और राज्य सरकार को भेज दी है। साथ ही, अब उन सीटों के लिए प्रत्याशियों को ढूंढा जा रहा है, जो इन 70 फीसदी विधायकों की जगह जीत सकें। संघ सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए उन इलाकों के सभी विभागीय संघ प्रचारकों को उनके इलाके की विधानसभा सीट के लिए मज़बूत उम्मीदवार का चयन करने की जिम्मेदारी दी जा चुकी है, जिनका काम यह होगा कि, वह इस बात की जांच करें कि, उनकी विधानसभा क्षेत्र में प्रभावशाली व्यक्ति कोन है।
आलाकमान लेगा अंतिम फैसला
क्षेत्रीय संघ प्रचारकों ने अब तक जिन जिन लोगों के नामों का चयन कर लिया है, उनके नाम और विवरण से जुड़ी एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह रिपोर्ट भाजपा की आलाकमान और संघ की आलाकमान के समक्ष पेश की जाएगी, जो इस बात का फैसला लेंगे कि, एक विधानसभा क्षेत्र में ज़्यादा प्रबल उम्मीदवार कोन है। इसमें चयनित होने वाले व्यक्ति को पार्टी चर्चा कर प्रत्याशी के रूप में विधानसभा क्षेत्र की ज़िम्मेदारी सौंपेगी।
केंद्र भी कर रहा है यह तैयारी
पिछले दिनों विधायक दल की बैठक में शामिल होने राजधानी आए संगठन महामंत्री रामलाल ने भी विधायकों को सीधे तौर पर इस बात की हिदायत कर दी थी कि, इस बार का चुनाव कार्यकाल के कामो के आधार पर होगी। प्रत्याशी अपने कामों को लेकर इलाके में प्रचार करेगा। रामलाल ने इस बातो को स्पष्ट रूप से विधायकों को समझा दिया था कि, जो लोग कुछ समय में ही उनके प्रति बिगड़ी स्थितियों को सुधार नही सकते वह लोग आगामी चुनाव के लिए टिकट की प्रतिक्षा ना करें। उन्होंने विधायकों से दो टूक कहा था कि अगर प्रदेश के सर्वे में प्रत्याशी के लिए उनका नाम होगा और केंद्र के सर्वे में नाम नहीं हुआ तो उन्हें टिकट देने पर विचार नहीं किया जाएगा। इससे भाजपा में यह संदेश भी गया है कि प्रत्याशी चयन पूरी तरह केंद्रीय नेतृत्व के हाथ में होगा।
Published on:
02 Jul 2018 11:59 am
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