
सावन के पहले सोमवार को महाकाल मंदिर में 80 हजार भक्तों ने किए महाकालेश्वर के दर्शन।
Sawan Somwar 2024: महादेव का सबसे प्रिय और खास महीना सावन(Sawan 2024) 22 जुलाई से शुरू हो गया है। भारत के साथ ही देश के दिल मध्य प्रदेश के शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा है। कहीं भस्म आरती में, कहीं शिव के अभिषेक में शामिल होने हजारों भक्त पहुंच चुके हैं।
सावन के पहले सोमवार की शुरुआत शिव का ध्यान कर भक्तों ने व्रत का संकल्प लिया है। बता दें कि मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में भक्त ही नहीं बल्कि खुद बाबा महाकाल भी हर सोमवार के व्रत का संपल्प लेकर आज उपवास पर हैं।
ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर उज्जैन में पहले सोमवार की सुबह 11.30 बजे तक 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने अपने पहले सावन सोमवार की शुरुआत महाकाल की भस्म आरती से की। महाकाल मंदिर में भक्तों की भीड़ का ध्यान रखते हुए पहले से ही व्यवस्थाएं की गई थीं। लंबी-लंबी कतारों में खड़े लोगों को महाकाल के दर्शन करने के लिए इंतजार भी लंबा करना पड़ रहा है। यहां आने वाले भक्तों का कहना है कि उन्हें दर्शन करने में कोई परेशानी नहीं हो रही।
यहां सुविधाओं से वे खुश हैं। भक्तों ने यह भी बताया कि उन्हें दर्शन करने में 15-20 मिनट का समय लगा है। बता दें कि महाकाल मंदिर में सावन के इस महीने में भस्म आरती के समय और दर्शन में बदलाव किया गया है।
सोमवार रात 2:30 बजे भगवान महाकालेश्वर मंदिर के पट खुले थे। सुबह 11:30 बजे तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। बारिश के रिमझिम मौसम में भी श्रद्धालुओं का दर्शन सिलसिला जारी है।
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पहले सोमवार पर उज्जैन में बाबा महाकाल की पहली सवारी (Mahakal Sawari) शाम 4 बजे से शुरू होगी। मंदिर के मेन गेट पर सशस्त्र बल पालकी में विराजमान भगवान श्रीमनमहेश को गार्ड ऑफ ऑनर देंगे। बाबा लाव-लश्कर के साथ मनमहेश स्वरूप में नगर भ्रमण पर निकलेंगे और भक्तों को दर्शन देंगे।
भस्म आरती में जिन श्रद्धालुओं को अनुमति नहीं मिल पाई उनके लिए मंदिर प्रशासन ने चलित भस्म आरती दर्शन व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत हजारों श्रद्धालुओं ने इस व्यवस्था के जरिए बाबा महाकालेश्वर की भस्म आरती के दर्शन का लाभ लिया।
भिकमपुर स्थित बूढ़ा महाकाल मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक चंबल के पानी से किया जाएगा। इसके लिए उज्जैन जिले के नागदा में तैराकी संघ के 21 सदस्य सावन के पहले सोमवार की सुबह चंबल नदी तट पर स्थित कायाकल्प भोलेनाथ मंदिर से चंबल नदी का जल लेकर भिकमपुर आए हैं।
ओंकारेश्वर में विशेष पूजन जारी-खंडवा जिले में स्थित ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में सावन के पहले सोमवार पर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है।
सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में शुरू हुआ अभिषेक : उधर सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में भगवान शिव का अभिषेक किया जा रहा है।
भगवान सिद्धनाथ का दुग्धाभिषेक- खरगोन के प्रसिद्ध शिवालय सिद्धनाथ का सावन के पहले सोमवार पर विशेष श्रृंगार किया गया। उसके बाद विशेष पूजन-अर्चन किया गया। बता दें कि 400 साल पुराने इस मंदिर में भगवान शिव नागदेवता की समाधि पर विराजित हैं।
सावन 2024 के पहले सोमवार पर भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में भक्तो की भीड़ लग गई। हर तरफ हर-हर महादेव ने जयकारों से परिसर गूंज उठा। यहां दर्शन करने की व्यवस्था बदल गई है और गर्भगृह में दर्शन करने का अवसर मिल रहा है।
सावन के पहले सोमवार पर ग्वालियर के अचलेश्वर महादेव में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना के बाद यहां विशेष आरती की जा रही है।
इस अवसर पर मधई मंदिर में पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण भी किया गया, जिसमें मिट्टी से बने शिवलिंगों को धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार सजाया गया। इन शिवलिंगों का उपयोग विशेष पूजा और आराधना में किया गया।
रुद्राभिषेक कर पूजन आरती की गई। बिहारी चतुर्वेदी के द्वारा अभिषेक कराया गया। शहर में अन्य मंदिरों में भी भक्तों द्वारा पूजा की जा रही है।
राजधानी भोपाल में शिव मंदिरों में भक्तों का तांता
Updated on:
22 Jul 2024 12:54 pm
Published on:
22 Jul 2024 11:55 am
