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पिछली बार अव्यवस्थाओं पर छलके थे आंसू, इस बार मौतों पर भी नहीं रोए पंडित प्रदीप मिश्रा

सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष महोत्सव में हुई लापरवाही, बदइंतजामी और तीन लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार कौन ?
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भोपाल

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Shailendra Sharma

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Updated: 18 Feb 2023, 7:55 PM IST

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सीहोर. कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में होने वाला रुद्राक्ष महोत्सव लापरवाही, बदइंतजामी के कारण मुसीबत बन गया। अभिमंत्रित रुद्राक्ष लेने के लिए देशभर से लाखों लोग कुबेरेश्वर धाम के लिए पहुंचे पर ठीक से व्यवस्थाएं न होने के कारण ऐसी अव्यवस्था फैली की आधे से ज्यादा लोगों को तो आधे रास्ते से ही परेशान होकर वापस लौटना पड़ा। रुद्राक्ष की आस लिए आए लोग भूखे-प्यासे भटकते रहे, जाम में फंसकर गाड़ियां रेंगती रहीं और इसका नतीजा ये हुआ कि सैकड़ों लोग बीमार हो गए और तीन लोगों को तो अपनी जान से हाथ धोना पड़ा, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल है। रुद्राक्ष लेने आई महिला मासूम बेटे की लाश गोद में लिए बिलखती रही और जिसने भी उसे देखा उसका दिल भी रो पड़ा। कुबरेश्वरधाम में बदइंतजामी और अव्यवस्थाओं की जो तस्वीरें सामने आईं उन्होंने कहीं न कहीं मध्यप्रदेश को शर्मिंदा करने का काम किया।

बदइंतजामी पर पंडित प्रदीप मिश्रा का 'बेशर्म' बयान
सीएम शिवराज सिंह चौहान के जिले सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में हुई बदइंतजामी और अव्यवस्थाओं के लिए आखिरकार कौन जिम्मेदार था ये सवाल अब सबसे बड़ा है। जिसका जवाब अभी तक न तो प्रशासन दे पाया है और न ही खुद पंडित प्रदीप मिश्रा। एक लोटा जल से सारी समस्याओं का हल होने का दावा करने वाले पंडित प्रदीप मिश्रा की ओर से जो बयान आया अगर उसे बेहद ही बेशर्मी भरा है तो गलत नहीं होगा। जिस तरह से उन्होंने कहा कि हर किसी को वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया जा सकता उससे लगता है कि महोत्सव सिर्फ वीआईपी के लिए होना था भीड़ तो सिर्फ दिखावे के लिए जुटाई जा रही थी।

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लापरवाही के लिए आखिर कौन जिम्मेदार ?
पंडित प्रदीप मिश्रा
सवाल नंबर-1. देशभर में कथा के दौरान लोगों को रुद्राक्ष महोत्सव में आने का न्यौता देने वाले पंडित प्रदीप मिश्रा को क्या महोत्सव में आने वाली भीड़ का अंदाजा ही नहीं था?
सवाल नंबर-2. लाखों लोगों की भीड़ जुटने का दावा तो किया गया लेकिन क्या उनके रहने, खाने, पार्किंग और शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था की गई ?
सवाल नंबर-3. जो लोग महोत्सव में आने वाले थे उनकी देखरेख या फिर उन्हें संभालने के लिए पंडित प्रदीप मिश्रा के कितने वॉलेंटियर (अनुयायी) तैनात थे और क्या वो पर्याप्त थे।

सीहोर कलेक्टर
सवाल नंबर-1. सीहोर जिला कलेक्टर ने जब पंडित प्रदीप मिश्रा को महोत्सव की अनुमति दी तो उनसे महोत्सव में आने वाले लोगों का संभावित सही आंकड़ा क्यों नहीं जाना ?
सवाल नंबर-2. जब लाखों की भीड़ पहुंच रही थी तो उसे रोकने और व्यवस्थित करने के क्या इंतजाम किए गए ?
सवाल नंबर-3. पंडित प्रदीप मिश्रा के पास जब लाखों लोगों की भीड़ को रखने की व्यवस्था नहीं थी तो उन्हें महोत्सव की अनुमति आखिर क्यों दी गईं, आखिर क्यों जिला प्रशासन ने इसका निरीक्षण पहले नहीं किया?

सीहोर एसपी
सवाल नंबर-1. दूसरे प्रदेशों से लाखों लोगों की भीड़ गाड़ियों और ट्रेनों से मध्यप्रदेश के लिए आई तो फिर इसका इंटेलीजेंस पहले क्यों नहीं मिला?
सवाल नंबर-2. हजारों गाड़ियों के एक साथ आने से ट्रैफिक पूरी तरह से चरमरा गया। पहले से ट्रैफिक रूट डायवर्ट या फिर अन्य किसी तरह की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
सवाल नंबर-3. सीएम के आने के कारण एक लाइन अलग रोड पर बना दी गई जिसके कारण रोड सकरी हो गई और जाम बढ़ता चला गया और 27 किमी. लंबा जाम लग गया।

यह भी पढ़ें- सीहोर में कई मौतें, 1500 बीमार और 150 लापता, अब जिम्मेदारों को देना होगा जवाब

पिछली बार से क्यों नहीं लिया सबक ?
एक बड़ा सवाल ये भी है कि जब पिछली बार यहीं पर रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान भारी अव्यवस्थाएं हुई थीं और बदइंतजामी के कारण महोत्सव स्थगित करना पड़ा था तो फिर उससे सबक लेते हुए इस बार पहले से ज्यादा तैयारियां क्यों नहीं की गईं ? हैरानी की बात ये भी है कि पिछली बार अव्यवस्थाएं होने पर पंडित प्रदीप मिश्रा मंच से रोए थे तो सीहोर जिले के कलेक्टर और एसपी हटा दिए गए थे लेकिन इस बार अभी तक ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई है और न ही पंडित प्रदीप मिश्रा के आंसू तीन लोगों की मौत और लाखों लोगों की परेशानी पर छलके हैं।

देखें वीडियो-