
उम्मीद टूटी: शिक्षक भर्ती में EWS के 1039 पदों को किया समाप्त
भोपाल. स्कूल शिक्षा विभाग की भर्ती प्रक्रिया में चल रही अनियमितता में नित नए खुलासे हो रहे हैं। विभाग ने इडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के 1039 पदों को ही समाप्त कर दिया है। मामले में कर्मचारी कल्याण आयोग के अध्यक्ष राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त रमेशचंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। बताया जा रहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग की वर्ष 2018 में पास अभ्यर्थियों की भर्ती के लिए काउंसिलिंग का पहला चरण आयोजित किया गया था। इसमें EWS के करीब 1400 पद थे। पहली काउंसिलिंग में पासिंग मार्क्स ज्यादा होने से 1039 पद नहीं भर पाए। बाद में पासिंग मार्क्स घटा दिए गए। शेष बचे 1039 पदों को द्वितीय काउंसिलिंग में शामिल किया जाना था। वर्तमान में द्वितीय काउंसिलिंग की प्रक्रिया चल रही है, इन पदों को शामिल नहीं किया गया।
फार्मेसी: भोपाल के कई कॉलेजों में एक भी प्रवेश नहीं
प्रदेश के बीफार्मा, डीफार्मा और एमफार्मा कॉलेजों में प्रवेश के लिए पहले राउंड की काउंसिलिंग पूरी हो चुकी है। पहले राउंड में करीब 13 हजार विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इनमें से राजधानी के करीब डेढ़ दर्जन कॉलेज ऐसे हैं, जिनमें एक भी विद्यार्थी ने प्रवेश नहीं लिया। विभाग ने पहले राउंड की काउंसिङ्क्षलग के लिए प्रदेश के 122 बीफार्मा कॉलेजों की 17 हजार 480, 45 एमफार्मा कॉलेजों की 1330 और एक डी फार्मा कॉलेज की 30 सीटों पर प्रवेश देने अलॉटमेंट जारी किए थे।
बीफार्मा में भोपाल के सभी कॉलेजों में प्रवेश हुए हैं, लेकिन 17 कॉलेजों के एमफार्मा में एक भी दाखिला नहीं हुआ। अब कॉलेजों की नजर विभाग द्वारा संचालित होने वाली दूसरे राउंड की काउंसिलिंग पर टिक गई हैं। बीफार्मा में प्रवेश लेने के लिए 20 हजार 700 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था। इसमें से 15 हजार 336 ने च्वाइस फिलिंग की थी, लेकिन अलॉटमेंट 15090 विद्यार्थियों को जारी किया। इनमें से 12 हजार 44 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। शेष तीन हजार विद्यार्थियों ने प्रवेश नहीं लिया।
Updated on:
16 Dec 2022, 1:39 AM IST
Published on:
16 Dec 2022, 1:39 AM IST
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