3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आकाओं के संकेत मिलते ही क्षेत्र में सक्रिय हुए टिकट के दावेदार

कांग्रेस नेताओं ने शुरू कर दिया घर-घर संपर्क और प्रचार
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Anil Chaudhary

•

Updated: 13 Aug 2018, 7:54 AM IST

news 1

'व्हाइट हाउस' में बनेगी बीजेपी सरकार को गिराने की प्लानिंग, कड़ी सुरक्षा में होगा काम

भोपाल. कांग्रेस में विधानसभा चुनाव के टिकट देने पर मंथन चल रहा है। दूसरी ओर कई नेताओं ने अपने क्षेत्र में मतदाताओं से घर-घर संपर्क शुरू कर दिया है। कुछ तो रैली भी निकालने लगे हैं। उन्हें भरोसा है कि पार्टी टिकट दे देगी। कांग्रेस के मौजूदा सभी विधायक अपना टिकट पक्का मान रहे हैं। वे नेता भी सक्रिय हो गए हैं जो पिछले विधानसभा चुनाव में कम मतों से हारे थे। विधानसभा चुनाव मैदान में पहली बार किस्मत आजमाने को तैयार नेताओं की भी कमी नहीं है। ये अपने राजनीतिक आकाओं के भरोसे क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं।

कौन कहां हुआ सक्रिय
भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र में महेन्द्र सिंह चौहान घर-घर संपर्क का एक चरण वे पूरा कर चुके हैं। वे रैली और सभाएं कर रहे हैं। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में कांग्रेस पार्षद अमित शर्मा ने युवाओं को मतदाता के रूप में जोडऩे के लिए रथ चलाया है। वे इसके बहाने लोगों से घर-घर तक संपर्क बनाने में जुटे हैं। पूर्व विधायक पीसी शर्मा ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी प्रकार पूर्व महापौर विभा पटेल, सुनील सूद, नासिर इस्लाम, मनोज शुक्ला, अवनीश भार्गव ने भी क्षेत्र में संपर्क तेज कर दिया है।

कांग्रेस के पूर्व संगठन महामंत्री चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी बिजावर विधानसभा के गांव-गांव घूम रहे हैं। छतरपुर जिले की इस सीट पर वे प्रभारी संगठन महामंत्री रहते हुए सक्रिय थे। जबलपुर पूर्व से लखन घनघोरिया पिछली बार 1100 मतों से हारे थे। ऐसे में वे अपनी टिकट पक्की मान रहे हैं। क्षेत्र में इनकी सक्रियता बढ़ी है। छतरपुर जिले की मलहरा सीट से तिलक लोधी की भी ऐसी ही स्थिति है। ये पिछली बार 1500 मतों से हारे थे। कांग्रेस में वापस आईं पूर्व विधायक कल्पना पारुलेकर महिदपुर में सक्रिय हैं। उन्हें भरोसा है कि पार्टी उन्हें टिकट देगी। कुछ इसी प्रकार की स्थिति अन्य नेताओं की है।

कम मतों से हारने वाले ये नेता ज्यादा सक्रिय
पिछले चुनाव में पांच हजार और उससे कम मतों से हारे हुए कांग्रेस उम्मीदवार टिकट को लेकर आश्वस्त हैं। इनमें सुरखी, सरदारपुर, बरघाट, ग्वालियर पूर्व, मेहगांव, गुन्नौर, मनावर, सोनकच्छ, शाजापुर, सिवनी, छतरपुर, सीधी, जौरा, हटा, ब्यावरा, शमशाबाद, बड़वारा, अशोकनगर, दमोह, महेश्वर, मंधाता, कुरवाई इत्यादि विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। लगभग सभी सीटों पर उम्मीदवारों ने मतदाताओं से संपर्क तेज कर दिया है।

3000 से अधिक आवेदन
कांग्रेस मुख्यालय में 3000 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। चुनाव समिति की पहली बैठक 16 अगस्त को है। प्रदेश चुनाव समिति नामों का पैनल तैयार कर स्क्रीनिंग कमेटी को भेजेगी। इसके बाद उम्मीदवार का नाम तय होगा।


विधानसभा के टिकट अभी तय नहीं हुए हैं और न ही किसी नेता को टिकट देने का वादा नहीं किया गया है। नेताओं को टिकट की उम्मीद तो होती है, शायद इसी उम्मीद से उन्होंने क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा दी होगी।
- चंद्र प्रभाष शेखर, संगठन प्रभारी, कांगे्रस