
#CoronaWarrior : कोरोना काल में अनोखा मास्क बनाकर कर रही हैं लोगों को दान, हिमालय के शिखर पर लहरा चुकी हैं तिरंगा
भोपाल/ मध्य प्रदेश में जहां एक तरफ कोरोना वायरस तेजी से अपने पाव पसार रहा है। वहीं, देश में कुछ कर्मवीर ऐसे भी हैं, जो इस वैश्विक महामारी को अपने कर्मों से मूंह तोड़ जवाब दे रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं, मेघा परमार और शोभित शर्मा। आपको याद हो कि, मेघा परमार मध्य प्रदेश की वो युवा महिला हैं, जिन्होंने बीते साल हिमालय की चोटी पर तिरंगा लहराकर देश का नाम विश्वभर में रोशन किया था। इनके अलावा शोभित शर्मा ने भी माउंट कोसीक्यूज़को (ऑस्ट्रेलिया) पर चढ़ाई कर M.P के पहले युवा के स्थान पर अपना नाम दर्ज कराया। वही, मेघा परमार और शोभित शर्मा कोरोना काल के इस दौर में उन कर्मवीरों के लिए खास तरह के मास्क तैयार कर रहे हैं, जो संक्रमण और आम जन के बीच एक दीवार रूपी योद्धा के रूप में खड़े हैं। यानी चिकित्सक और पुलिसकर्मी।
यूज्ड चीजों की मदद से बनाया स्क्रीन शीट मास्क
कोरोना महामारी के समय इन युवाओं ने एक खास तरह का स्क्रीन शीट मास्क तैयार किया है। हालांकि, इस मास्क का इस्तेमाल विदेशों में आम लोग भी कर रहे हैं। वहां इस स्क्रीन शीट मास्क को बनाने में औसतन 200 की लागत आती है, लेकिन शोभित शर्मा और मेघा द्वारा बनाए गए इसी मास्क के जुगाड़ स्वरूप स्क्रीन शीट मास्क को बनाने में लागत मात्र 10 रुपये आई है। इस जुगाड़ू मास्क को घरेलू चीजों और स्टेशनरी से संबंधित कुछ खास चीजों की मदद से बनाया गया है। इस खास मास्क को बनाने में सिर्फ एक इलास्टिक की 40 सेंटीमीटर रबर, पोलीस पार्टिसिपल फिल्म और डबल साइड टेप का इस्तेमाल किया गया है।
हालांकि, इस अनोखे इनोवेशन की सराहना प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में की जा रही है। स्क्रीन शीट मास्क बनाने का तरीका हमारी ओर से सोशल मीडिया पर भी किया गया, जिससे प्रेरित होकर देशभर में कई लोगों ने इस खास मास्क को बनाकर बेचना और बांटना शुरु किया है। परमार के मुताबिक, इस मास्क को खासतोर पर उन जावाजों के लिए बनाया गया है, जो कोरोना से बचाव करने के लिए अपनी जान की परवाह करने से ज्यादा लोगों की रक्षा करने में जुटे हुए हैं। इसलिए हम खासतौर पर ये मास्क कोरोना संकट के समय डॉक्टर, पुलिस अफसर, सफाई कर्मचारियों को बांट रहे हैं। युवाओं का कहना है कि, इस मास्क को वो अपने घरों से मिलने वाली पॉकेट मनी के खर्च से बनाकर लोगों में बांट रहे हैं।
यूं पड़ा स्क्रीन शीट मास्क
कई डॉक्टरों ने भी इस मास्क की सराहना की है। साथ ही, अब तक कई डाक्टर्स को ये युवा स्क्रीन शीट मास्क दे भी चुके हैं। डॉक्टरों द्वारा भी इस मास्क का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। वहीं, पुलिस बल अपने कई अन्य और संसाधनों से इस तरह के स्क्रीन शीट मास्क बनवा रहे हैं। इस मास्क की इनोवेशन की सराहना हर जगह की जा रही है। जब मेघा और शोभित से पूछा गया कि इस मास्क को बनाने का विचार उन्हें कैसे आया, तो उन्होंने कहा कि, जब सच्चे दिल से हम चाहते हैं कि हम किसी की मदद करें तो कहीं ना कहीं से कोई ना कोई उपाय आता है। हम घर में बैठे थे और चाहते थे कि लोगों की मदद करें, ऐसे में शोभित नाथ के मन में ख्याल आया कि, क्यों न इस तरह का कोई मास्क बनाया जाए, इसके बाद उसे नाम दिया गया स्क्रीन शीट मास्क।
ज्यादा सेफ है ये अनोखा मास्क
इस मास्क की खासियत ये है कि, इसे पहनकर घर से बाहर निकलने पर अगर आप किसी संक्रमण व्यक्ति के खांसने छीकने का असर मास्क लगाए व्यक्ति पर नहीं होगा। इस मास्क को दूसरे दिन सैनिटाइजर से साफ करके पुनः उपयोग किया जा सकता है । मेघा और शोभित ने कई दिनों से लगातार इन मास्क को बनाकर अपनी पॉकेट मनी से कोरोना से जंग लड़ रहे पुलिस अफसर और डॉक्टर को दिया है। इसकी सराहना मध्य प्रदेश भोपाल के डीआईजी द्वारा भी की गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग में सीएमएचओ भोपाल द्वारा भी इन्हें सराहा गया है। साथ ही ये भी कहा गया है कि, इस तरह के और भी मास्क बनाकर सब लोगों को उपयोग करना चाहिए।
सोशल मीडिया पर लोगों को कर रहे जागरुक
मेघा और शोभित ने इस तरह के वीडियो बनाकर सभी सोशल मीडिया पर डाल दिए हैं और लोगों को सिखा रहे हैं ताकि लोग बनाना सीखे और उन्होंने सभी युवाओं से भी यह निवेदन किया है कि वह इस तरह के और अन्य मास्क बना कर जरूरतमंद और हमारे जावानो को दें। हमें इस विपदा के समय अपना इंसानियत का फर्ज निभाना चाहिए। इसकी विधि इंस्टाग्राम हैंडल Shobhit Sharma official और Meghathemountaineer पर शेयर की है। शोभित नाथ शर्मा एक बिजनेस मेन, पर्वतारोही, बाईक राइडर हैं और मेद्या परमार प्रदेश की प्रथम महिला है जिन्होंने माउंट एवरेस्ट क्लाइंब है, इसके अलावा इन्होंने 4 अन्य महाद्वीप की भी पर्वतारोही रही।मेघा राज्य सरकार की बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं की ब्रांड एम्बेसेडर है।
हिमालय पर 8,848 मीटर ऊंचाई पर फहराया था तिरंगा
आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश के सीहोर की रहने वाली मेघा पाटकर प्रदेश की पहली पर्वतारोही है, युवा हैं। साल 2018 में अपवे टागरेट की चौटी पर जाने से चंद दूरी पर ही उनकी तबियत बिगड़ गई और उन्हें बीच में ही अपना सफर छोड़कर लौटना पड़ा। लेकिन मेघा ने हार नहीं मानी और अगली साल यानी 22 मई 2019 को सुबह 5 बजे मेघा ने आखिरकार एवरेस्ट शिखर पर तिरंगा फहरा कर विदेशों में देश का नाम रोशन किया। 29 मई को भोपाल लौटने पर उन्होंने पत्रिका से खास बातचीत में एवरेस्ट समिट के एक्सपीरियंस शेयर करते हुए बताया कि, उन्होंने हिमालय के 8,848 मीटर की ऊंचाई वाले हिमालय शिखर पर तिरंगा फहराया।
Updated on:
21 Apr 2020 12:54 am
Published on:
20 Apr 2020 11:58 pm
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