
Rani Kamlapati Railway Station- रानी कमलापति रेलवे स्टेशन। (फोटो- विकिपीडिया)
Rani Kamlapati Railway Station- वर्ल्ड क्लास रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (RKMP) इन दिनों यूरिनल की व्यवस्था को लेकर चर्चाओं में हैं। यहां यूरिनल के लिए 5 रुपए की वसूली का यात्रियों ने भी देशी जुगाड़ (Desi Jugaad) निकाल लिया। अब यह लोग पांच रुपए बचाने के लिए प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेनों में जाने लगे हैं या स्टेशन के पास स्थित मॉल के यूरिनल का इस्तेमाल करने लगे हैं।
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर सुबह शाम बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं। किसी भी स्टेशन पर यूरिनल की व्यवस्था का शुल्क नहीं लिया जाता है। पिछले 1 सितंबर से अचानक सशुल्क शौचालय शुरू कर दिया गया। इससे रोज आने-जाने वाले यात्रियों से अचानक शुल्क मांगा जाने लगा। अचानक शुल्क मांगे जाने पर कई बार वहां मौजूद अटेंडर के साथ यात्रियों की बहस भी होने लगी। यूपीआई के जमाने में खुल्ले पांच रुपए नहीं होने के कारण भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसी स्थिति में अब इन लोगों ने देशी जुगाड़ निकाल लिया।
उन्होंने सशुल्क शौचालय में जाना बंद कर दिया है। वे अब प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन के किसी भी टॉयलेट में चले जाते हैं। इसके अलावा स्टेशन के बाहर ही स्थित मॉल के यूरिनल का इस्तेमाल करने चले जाते हैं। स्टेशन पर खड़े भोपाल के दो स्टूडेंट्स ने बताया कि आज के जमाने में पांच रुपए बड़ी बात नहीं है, लेकिन जब हमें पास वाले मॉल में फ्री में जाने को मिल रहा है तो वो ज्यादा बेहतर है।
शुक्रवार को होशंगाबाद से अपडाउन करने वाले संजीव कुमार दुबे शुक्रवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर उतरे और यूरिनल में गए। जब लौटे तो वहां मौजूद व्यक्ति ने उनसे पांच रुपए मांगे। वे हैरान हुए कि यूरिनल के लिए भी किसी स्टेशन पर 5 रुपए वसूल किए जाते है। वहां लगे बोर्ड की तरफ इशारा करते हुए वहां मौजूद अटेंडर ने उनसे पांच रुपए की मांग की। काफी देर तक बहस भी होती रही। जैसे-तैसे उन्होंने पांच रुपए खुल्ले का बंदोबस्त किया और वहां से पीछा छुड़ाया।
एक सितंबर से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर यूरिनल की नई व्यवस्था लागू की गई है। रेलवे सलाहकार समिति ने भोपाल डीआरएम को पत्र लिखकर इसका विरोध किया है। समिति के लोगों का कहना है कि प्राइवेटाइजेशन के नाम पर नागरिकों से जुड़ी सुविधाओं को महंगा करना एक प्रकार से महंगाई को बढ़ाने जैसा है। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर हर दिन 50 हजार यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। इनके अलावा छोड़ने और लेने आने वाले लोगों की संख्या भी अधिक रहती है। ऐसे में यह पैसा वसूल करना गलत है।
यदि आप रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर किसी यात्री को छोड़ने या लेने आ रहे हैं, तो पिक एंड ड्रॉप का समय भी बहुत कम पड़ जाता है। क्योंकि एक गेट ही बाहर जाने के लिए होता है, जिसमें लाइन इतनी अधिक होती है कि 10 मिनट का समय ही निकल जाता है, और बाहर निकलते समय तक आपको 20 रुपए चुकाने पड़ जाते हैं। अपने रिश्तेदार को छोड़ने आए गोविंदपुरा निवासी सतीश शर्मा कहते हैं कि पार्किंग की व्यवस्था ही ऐसी बनाई गई है कि यात्री को ड्रॉप करने के बाद आपको निकलने में 10 मिनट से ऊपर का ही समय हो जाएगा। इसलिए दो गेट बनाए जाने चाहिए या समय बढ़ाया जाना चाहिए।
Updated on:
02 Oct 2026 07:48 pm
Published on:
02 Oct 2026 07:09 pm
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