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Viral Video में हो रही जातीय हिंसा, पुलिस दे रही साथ – देखें वीडियो

ऐसे फैलाई गई जातीय हिंसा, तोड़फोड़ और हिंसा में पुलिस भी शामिल
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भोपाल

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KRISHNAKANT SHUKLA

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Updated: 7 Apr 2018, 2:04 PM IST

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भोपाल। सोशल मीडिया पर शुक्रवार की सुबह से पुलिस तोड़फोड़ और जातीय हिंसा का वीडियो लगातार वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो मध्यप्रदेश के ग्वालियर चंबल क्षेत्र का हो सकता है। फिलहाल अभी तक वीडियो में पुलिस द्वारा की जा रही तोड़ फोड़ का कारण साफ नहीं हो पाया। हिंसा में पुलिस की भागीदारी के चेहरे भी साफ नजर नहीं आ रहे। तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में पुलिस के सामने इस तरह की हिंसा की जा रही है जो पुलिस विभाग को शर्मशार कर रही है।

हिंसा में पुलिस की भागीदार
सड़क पर चल रहे वाहनों को रोक कर उपद्रवी वाहनों में तोड़फोड़ कर रहे। साथ में पुलिस ये सब देख रही है। फिर भी किसी प्रकार से इन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया जा रहा है बल्कि पुलिस भी तोड़फोड़ में शामिल है। एक तरफ नकाबपोश में उपद्रवी सफेद रंग की कार पर डंडे पीट रहा तो वहीं दूसरी तरफ सफेद रंग का कपड़ा पहना हुआ उपद्रवी दोपहिया वहनों को तोड़ने में लगा है। इस वीडियो में पुलिस हिंसा का साथ दे रही है। वीडियो में पुलिस भी कार पर डंडे से मार रही, साथ ही कालोनियों में खड़े आटों वाहन के कांच भी पुलिस डंडों से तोड़ रही है।

जांच में जुटी पुलिस
वायरल हो रहा यह वीडियो माना जा रहा है कि एससी-एसटी वर्ग द्वारा किए गए भारत बंद यानि 2 अप्रैल का हो सकता है। हालांकि पुलिस वायरल हो रहे वीडियो की जांच कर रहा है। जांच के बाद ही वीडियो में तोड़फोड़ कर रहे उपद्रवी और पुलिस के चेहर साफ हो पाएंगे। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि पुलिस ने भी इस हिंसा में भागीदारी रही है तो यह भी हो सकता है पुलिस इन उपद्रवियों को बचा रही हो। फिलहाल वीडियो की वायरल होने की सही जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

ग्रुप एडमिन करें प्रशासन का सहयोग
संज्ञान में आया है कि वाट्सएप पर समाज में अराजकता फैलाने के उद्देश्य से कुछ वीडियो, फोटो और संदेश पोस्ट किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे व्यक्तियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि सभी ग्रुप एडमिन से आह्वान किया गया है कि इस कार्य में जिला प्रशासन का पूर्ण सहयोग किया जाए। उनके ग्रुप पर किसी व्यक्ति की तरफ से ऐसी पोस्ट भेजी जाती है तो संबंधित पोस्ट के संबंध में तत्काल जिला प्रशासन से शिकायत करें, ताकि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा सके। अगर ग्रुप एडमिन की तरफ से शिकायत नहीं की जाती है और कोई अन्य व्यक्ति शिकायत देता है तो एडमिन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।