
MP ELECTION 2018 : चुनाव में छलक रहे जाम, प्रदेश में 64 हजार लीटर की खपत बढ़ी
भोपाल@अशोक गौतम की रिपोर्ट...
विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच प्रदेश में शराब की मांग तेजी से बढ़ी है। बीते साल की तुलना में इस साल नवंबर के महीने में हर दिन 64 हजार लीटर शराब की बिक्री ज्यादा हो रही है। इसमें और बढ़ोतरी होने की आशंका है। कंपनियों ने डिमांड और सप्लाई का आंकलन करते हुए रोजाना तीन लाख लीटर शराब का उत्पादन बढ़ा दिया है।
यह खुलासा आबकारी विभाग द्वारा चुनाव आयोग को दी गई जानकारी से हुआ है। रेकॉर्ड के अनुसार, शराब की सबसे ज्यादा बिक्री इंदौर में हो रही है। चुनाव आयोग की सख्ती का असर शराब के अवैध निर्माण और बिक्री पर हुआ है। अब तक लाखों लीटर शराब जब्त की गई है, हालांकि चुनाव में शराब का कितना इस्तेमाल हो रहा है, इसका आंकड़ा प्रशासन के पास नहीं है, लेकिन बिक्री में आए उछाल से सवाल खड़े हो रहे हैं।
बीयर की बिक्री घटी
प्रदेश में बीयर की बिक्री 44 हजार लीटर घटी है। कंपनियों ने इसका उत्पादन पिछले साल की तुलना में 25.97 लाख लीटर से ज्यादा बढ़ा दिया है। अफसरों मानना है कि यह बीयर प्रदेश के बाहर जा रही है।
चेकपोस्ट पर चकमा
शराब की खेप चेपपोस्ट से होकर नहीं गुजरती है। चुनाव को देखते हुए आयोग ने अवैध शराब पकडऩे के लिए प्रदेश में 14 चेकपोस्ट बनाए हैं, लेकिन एक भी चेकपोस्टों पर शराब नहीं पकड़ाई है।
शराब की दुकानों पर लगाए कैमरे
आयोग के निर्देश पर शराब दुकानों के साथ फैक्ट्रियों और गोदामों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय शराब बिक्री के तुलनात्मक आंकड़े हर दिन आबकारी विभाग से मांग रहा है, क्योंकि 7.76 लाख लीटर प्रतिदिन की खपत देखकर आयोग भी हैरान है। अफसरों ने शिकंजा कसने की तैयारी तेज कर दी है। वहीं अवैध शराब का सबसे ज्यादा कारोबार धार जिले में हो रहा है। शराब पकड़ाने के मामले में इंदौर संभाग प्रदेश में सबसे आगे है। पन्ना और भिंड जिले में अब तक सबसे कम शराब पकड़ी गई है।
ऐसे समझें
नवंबर 2017 में 74.73 लाख लीटर शराब का उत्पादन था, जो इस साल बढकऱ 77.51 लाख लीटर हो गया है। शराब बिक्री की बात करें तो इस साल 7.76 लाख ली. अधिक हुई है।
Updated on:
22 Nov 2018, 11:55 AM IST
Published on:
22 Nov 2018, 11:55 AM IST
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