
ऑनलाइन शॉपिंग किया गया लहंगा, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)
Bhopal news:मध्यप्रदेश में लगातार एक के बाद एक साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। बीते दिनों भोपाल शहर में जालसाजों ने कई लोगों को अपनी शिकार बनाया। साइबर ठगों ने ऑनलाइन खरीदारी और क्रेडिट कार्ड से जुड़े ऑफर का झांसा देकर तीन लोगों से 3.23 लाख रुपए ठग लिए। वहीं दूसरी ओर बागसेवनिया इलाके में एक महिला से ऑनलाइन लहंगा बेचने के नाम पर एक लाख रुपए ठग लिए, जबकि क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट करने के बहाने युवती से 98 हजार रुपए की धोखाधड़ी हुई। वहीं, मिसरोद में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को क्रेडिट कार्ड से रिवार्ड प्वाइंट्स देने का झांसा देकर सवा लाख रुपए निकाल लिए गए।
एम्स अस्पताल के पीछे रहने वाली 55 वर्षीय महिला ने यूट्यूब पर सस्ते लहंगे का विज्ञापन देखा था। जब उसे लहंगा पसंद आया तो उससे रूका नहीं गया। महिला ने तुरंत लहंगे का ऑर्डर कर दिया। विज्ञापन में दिए नंबर पर संपर्क करने पर लहंगे की कीमत 1645 रुपए और अतिरिक्त चार्ज 100 रुपए बताया गया। महिला ने बारकोड के जरिए भुगतान किया, लेकिन जालसाज ने रकम नहीं मिलने का बहाना बनाकर अलग-अलग तरीके से बार-बार पैसे भेजने को कहा। महिला के खाते से एक लाख रुपए कट गए। महिला को जैसे ही ठगी का अंदाजा लगा तो वह जमकर कोई बाद में कंप्लेन की। इसी इलाके निवासी में एक युवती को क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट करने का झांसा देकर 98 हजार रुपए ठग लिए गए। दोनों केस में बागसेवनिया पुलिस केस दर्ज जांच शुरू कर दी है।
वहीं, मिसरोद के स्नेहा नगर निवासी 25 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को एक्सिस बैंक के रिवार्ड प्वाइंट्स रिडीम कराने का लालच दिया गया। पीड़ित के हामी भरने के बाद जालसाजों ने फर्जी लिंक भेजकर ओटीपी डलवाया और उसके क्रेडिट कार्ड से सवा लाख रुपए निकाल लिए। मिसरोद पुलिस केस दर्ज जांच शुरू कर दी है।
यहां पर एक बच्चे के द्वारा गेम खेलने के दौरान 100 या 500 रुपए का इनाम जीतने का लुभावना अवसर दिया जाता है। फिर शुरू में जीती हुई छोटी रकम 100 रुपए को तुरंत खिलाड़ी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर यह भरोसा बनाया जाता है कि ऐप असली है। भरोसा जमते ही खिलाड़ी से कहा जाता है कि अगर वह वीआइपी लेवल या मेगा टूर्नामेंट में हिस्सा लेगा, तो लाखों रुपए जीतेगा। झांसे में आकर बच्चे मे हजारों, लाखों रुपए दांव पर लगा दिए। जालसाज स्क्रीन पर लाखों रुपए की जीत का हिसाब तक दिखाते हैं, लेकिन दांव लगाने वाले इस रकम को विड्राल नहीं कर पाते। बाद में फोन हैक करके खाते से रूपए निकाल लिए जाते हैं।
-ठगों का नेटवर्क इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब और टेलीग्राम पर गेम खेलो और घर बैठे पैसा कमाओ का लुभावने वीडियो और प्रयोजित विज्ञापन चला रहे हैं।
-ठगों के फर्जी गेमिंग ऐप्स गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर पर नहीं होते। इन्हें वाट्सऐप या टेलीग्राम लिंक के जरिए सीधे फोन में एपीके फाइल के जरिए डाउनलोड कराया जाता है।
-फ्री चीजें की लालच देकर जाल में फंसने वालों को बाद में फिशिंग लिंक भेजे जाते हैं। ऐसे लिंक से सावधान रहे।
Updated on:
5 Nov 2026, 3:32 PM IST
Published on:
5 Nov 2026, 3:30 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.