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चेतावनी: मध्यप्रदेश के 20 जिलों में ऑरेंज व 17 में येलो अलर्ट जारी

Weather Alert: भोपाल में जहां कई दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी...

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भोपाल ( bhopal ) । मध्य प्रदेश में इन दिनों मानसून ( monsoon ) जरूरत से ज्यादा ही मेहरबान बना हुआ है। जिसके चलते मध्यप्रदेश ( madhya Pradesh ) के अधिकांश जिलों में इन दिनों बारिश देखने को मिल रही है। राजधानी भोपाल में जहां कई दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। वहीं कई जिलों में जहां के डैम तकरीबन डेड स्टोर पर आ चुके थे वे भी अब बारिश के चलते लबालब स्थिति में पहुंच चुके है।

वहीं भोपाल का बड़ा तालाब जो पिछले दिनों सूखने ( weather ) के कगार पर आ गया था, ऐसे में यहां की कई जगहों पर जहां पूर्व में नाव से जाना होता था, वहां तक बारिश से पहले तक लोग पैदल ही पहुंच जा रहे थे, लेकिन अब इन जगहों पर नाव से तक जाना मुश्किल होता जा रहा है। दरअसल लगातार हो रही बारिश ने जहां बढ़े तालाब को पूरी तरह से भी दिया है। वहीं इन दिनों इस बड़े तालाब में तक समुद्र की तरह लहरें उठती दिख रही हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी :
ऑरेंज अलर्ट ( orange alert ) : भोपाल, रायसेन, राजगढ, सीहोर, विदिशा, रायसेन, राजगढ, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, देवास, आगर,इंदौर, धार, झाबुआ, खंडवा, खरगौन,बुरहानपुर,हरदा, सागर, गुना जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार यहां कुछ स्थानों पर भारी वर्षा के साथ ही कहीं कहीं अतिभारी वर्षा तक हो सकती है।

येलो अलर्ट ( yellow alert ) : वहीं मौसम विभाग की ओर से होशंगाबाद, बैतूल, बडवानी, अलीराजपुर, टीकमगढ, दमोह, छतरपुर, दतिया, नीमच
शिवपुरी, अशोकनगर, शिवपुरी, भिण्ड, जबलपुर, नरसिंहपुर, रीवा,सतना, सिंगरौली जिलों में कहीं कहीं भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

यह चेतावनी 26 अगस्त 2019 यानि सोमवार तक के लिए जारी की गई है।

बारिश की ये बताई जा रही वजह...
इससे पहले मौसम विभाग से रिटायर्ड एके शर्मा के अनुसार मानसून के तीन सिस्टम के सक्रिय होने के साथ ही बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही हवाओं का इन दिनों मध्य प्रदेश के ऊपर टकराव (संविलन) हो रहा है। इस वजह से पिछले कुछ दिनों से मध्‍य प्रदेश में झमाझम बारिश हो रही है।

आज के लिए खास...
वहीं इसके अलावा रविवार के लिए इंदौर, धार, खंडवा, खरगौन, अलीराजपुर, झाबुआ, बडवानी, बुरहानपुर, उज्जैन,रतलाम, शाजापुर, आगर,देवास,नीमच,मंदसौर, भोपाल, रायसेन, राजगढ, विदिशा, सीहोर, रायसेन, होशंगाबाद, बैतूल, हरदा जिलों में अधिकांश स्थानों पर...


जबकि रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, श्योपुरकलां, भिण्ड, मुरैना,अनूपपुर, डिंडोरी, उमरिया, शहडोल, पन्ना, सागर,टीकमगढ, दमोह, छतरपुर, गुना, ग्वालियर, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, छिंदवाडा, जबलपुर, मंडला,बालाघाट,नरसिंहपुर, सिवनी, कटनी जिलों में अनेक स्थानों पर गरज व चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना हैं।

ये है संभावना...
मौसम के जानकारों की माने तो अभी इस पूरे माह ही लगातार बारिश का मौसम बना हुआ है। ऐसे में राजधानी भोपाल में तकरीबन पूरे माह ही बारिश होती रहेगी।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दो से तीन दिनों शहर में अच्छी बारिश होगी। ओडिशा के पास चक्रवाती परिसंचरण से बारिश हो रही है। इसके असर से हिमालय की तलहटी में पहुंची मानसून द्रोणिका नीचे आकर अमृतसर, चंडीगढ़, बरेली, रीवा, तटीय ओडिशा से गुजर रही है। दो-तीन दिन में उत्तरी बंगाल की खाड़ी के आसपास नया लो प्रेशर एरिया और बनने की संभावना है।

सीजन में पहली बार लगातार 13 घंटे बारिश...
वहीं भोपाल में शहरवासी कृष्ण जन्म का उत्सव मनाकर सोने की तैयारी में थे कि रात 2.20 बजे बारिश शुरू हो गई। लगातार 13 घंटे बाद दोपहर साढ़े तीन बजे बारिश थमी। शहर पानी-पानी हो गया। शुक्रवार शाम 5.30 से शनिवार शाम 5.30 बजे तक 24 घंटे में कुल 98 मिमी बारिश दर्ज हुई। मौसम विभाग ने रविवार के लिए भी यलो अलर्ट जारी किया है।

शहर में 98 मिमी के बावजूद बैरागढ़ में कम बारिश हुई। बैरागढ़ केन्द्र ने शनिवार सुबह तक 19.7 मिमी दर्ज की। इसके बाद शाम तक 25 मिमी बारिश दर्ज हुई। 44.7 मिमी बारिश के साथ सीजन का कुल आंकड़ा 1197 मिमी पहुंच गया है।

अगस्त महीने में बारिश: अगस्त माह में कुल 454 मिमी दर्ज की जा चुकी है, जबकि अभी एक सप्ताह बाकी है। 2018 के अगस्त में 264.5 तो 2017 में कुल 126 मिमी हुई थी। पिछले साल की अपेक्षा दो गुना अधिक तो वर्ष 2017 की तुलना में तीन गुना अधिक बारिश हुई है।

कलियासोत पर आज से धारा-144 लागू
कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने कलियासोत पर धारा-144 लगाने का आदेश पारित किया है। इसके तहत शाम सात से सुबह सात बजे तक प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। ये आदेश मुख्य पट्टी जिस पर जनता मॉर्निंग वॉक के लिए जाती है उस पर लागू नहीं रहेगा।

भदभदा और केरवा डैम के गेट खुले
बड़े तालाब का जल स्तर अधिकतम सीमा से बाहर होने पर शनिवार सुबह सात बजे भदभदा के दो गेट खोले गए। तालाब का एफ टीएल 1666.80 फ ीट पर रखने के लिए सुबह गेट नंबर 5 और 6 को खोला गया था। दोपहर 12 बजे गेट नंबर 6 को बंद कर दिया गया।

नगर निगम प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को लगातार बारिश के दौर के चलते गेट नंबर 5 दिनभर खुला रहा। इस दौरान लगभग 150 एमसीएफ टी पानी छोड़ा गया। मालूम हो कि यह आठवीं बार है जब भदभदा के गेट खोले गए। इसके साथ ही शनिवार सुबह केरवा बांध के गेट भी खोले गए।