3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

केरल बाढ़ में ओडिशा के 187 लोग फंसे,पटनायक ने की सीएम पी.विजयन से बात

बता दें कि केरल बाढ पीड़ितों को बचाने और राहत कार्य में सहयोग देने के लिए राज्य सरकार की ओर से केरल में दमकल सिपाहियों की एक टीम को भेजा था...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भुवनेश्वर

•

image

Prateek Saini

•

Updated: 19 Aug 2018, 8:41 PM IST

flood

flood

(पत्रिका ब्यूरो,भुवनेश्वर): केरल की बाढ़ विभीषका में फंसे ओडिशा के 187 लोगों को बचाने के ही साथ उन्हें भरपूर खाना पीना कपड़ा मुहैया कराने की अपील मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने की है। केरल की बाढ़ में करीब 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं।

ओडिशा सरकार भी केरल सरकार को बाढ़ संकट से निपटने को हर संभव मदद को तैयार है। अब तक पांच करोड़ की मदद और 245 प्रशिक्षित आपदा राहत के जवान नावों के साथ भेजे गए हैं। बाढ़ में फंसे लोगों में 41 लोग जाजपुर जिले के, 32 नयागढ़ के, 6 खोरदा जिले के, 38 गंजाम जिले के, 70 अन्य जिलों के हैं।

जानकारी के अनुसार ओडिशा के फंसे मजदूरों को ओदिपल्ली में अलुवा मुन्नार रोड स्थित आश्रय स्थल ले जाया गया है। बताते हैं कि वहां पर ठीक से भोजन-पानी भी नहीं मिल पा रहा है। ये सभी मजदूर ओडिशा से हैं। राज्य के विशेष राहत आयुक्त बी पी सेठी ने केरल के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी एच कुरियन को एक पत्र लिख कहा है कि ओडिशा के बाढ़ पीड़ितों को भोजन, पानी और अन्य आवश्यक वस्तुएं मुहैया कराने की व्यवस्था की जाए।

ओडिशा सरकार ने प्रभावित लोगों की मदद के लिए यहां विशेष राहत आयुक्त कार्यालय में हेल्पलाइन भी शुरू की है। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार ओडिशा का कोई भी प्रभावित व्यक्ति 1070 (टॉल फ्री) और 0674-2534177 नंबर पर फोन कर सकता है। ओडिशा राहत एवं आपदा प्रबंधन के ओएसडी श्यामलाल कुमार दास ने एक पत्र में ओडिशा के 187 लोगों की सूची सौंपी है जो केरल की बाढ़ में फंसे हैं। यह सूची केरल के अपर मुख्यसचिव को भी दिया गया है।

बता दें कि केरल बाढ पीड़ितों को बचाने और राहत कार्य में सहयोग देने के लिए राज्य सरकार की ओर से केरल में दमकल सिपाहियों की एक टीम को भेजा था। इन टीमों ने वहां जाकर राहत कार्य में सहयोग दिया। दल के सभी सिपाही अभी राहत कार्य में लगे हुए हैं।