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महेश शर्मा की रिपोर्ट...
(पुरी): श्रीजगन्नाथ मंदिर के महाखजाने की चाबी प्रकरण में एसडीजेएम (सब डिवीजनल ज्युडिसियल मजिस्ट्रेट) की कोर्ट में पुरी के जिलाधिकारी अरविंद अग्रवाल और श्रीमंदिर प्रशासन के पूर्व प्रशासक प्रदीप जेना के खिलाफ केस फाइल किया गया।
किया गुमराह करने का प्रयास
मार्कंडेश्वर साही के निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय दास ने रिपोर्ट दर्ज कराई। दर्ज मामले के अनुसार जिलाधिकारी अग्रवाल और पूर्व प्रशासक जेना ने रत्न भंडार की चाबी प्रकरण में गुमराह करने का प्रयास किया है। दास का कहना है कि मूल के बजाय डुप्लीकेट चाबी का कोषागार के बजाय रिकार्ड रूम में मिलना, ऐसा लगता है कि सच्चाई छिपाने का प्रयास है।
श्रीजगन्नाथ मंदिर एक्ट के अनुसार जिलाधिकारी और श्रीमंदिर प्रशासक दोनों की ही जिम्मेदारी है कि चाबी ही नहीं समस्त मंदिर संबंधी कामकाज पर रोज नजर रखे। शिकायतकर्ता का कहना है कि दोनों अधिकारियों ने श्रीजगन्नाथ के करोड़ों भक्तों को अंधेरे में रखा। उनका दावा है कि डुप्लीकेट चाबी को लेकर जिलाधिकारी का बयान निराधार और झूठ का पुलिंदा है, जबकि श्रीजगन्नाथ मदिर एक्ट में डुप्लीकेट चाबी का कोई प्रावधान ही नहीं है। एसडीजेएम कोर्ट में सुनवाई की तिथि 25 जून तय की गई है।
यह है मामला
गौरतलब है कि बीते दिनों श्री पुरी जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की चाबी गुमने का मामला प्रकाश में आया। इसके मामले की जांच करने के लिए एक जांच कमेटी गठित की गई। कुछ दिनों बाद जिला मुख्यालय के रिकार्ड रूम में एक लिफाफे में एक चाबी मिली। उसके ऊपर भीतरी रत्नभंडार की डुप्लीकेट चाबी लिखा था। जबकि नियमानुसार यह चाबी मंदिर के कोषागार में रखी जानी चाहिए।
Published on:
19 Jun 2018 01:17 pm

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