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श्री पुरी जगन्नाथ मंदिर: चाबी मिली पर अभी भी कई रहस्य बरकार, जानने के लिए पढे पूरी खबर

श्री पुरी जगन्नाथ मंदिर की चाबी मिलने के बाद भी कई रहस्यों से पर्दा नहीं उठ पाया है...
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भुवनेश्वर

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Prateek Saini

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Updated: 16 Jun 2018, 2:50 PM IST

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महेश शर्मा की रिपोर्ट...

(पुरी): जगन्नाथ पुरी के महाप्रभु महाखजाने की डुप्लीकेट चाबी रिकार्ड रूम में मिल गई है। श्री मंदिर के पूर्व प्रशासक रवींद्र मिश्रा ने यह दावा किया है कि यह चाबी ही असली चाबी है। इस तरह से चाबी तो मिल गई पर अभी भी कई रहस्यों से पर्दा नहीं उठ पाया है।


चाबी तो मिली पर रहस्य बरकरार

महाप्रभु जगन्नाथ के खजाने (रत्नभंडार) पर क्या किसी ने हाथ साफ कर दिया? 34 साल पहले जब खजाने का आंतरिक भाग खजाना (रत्नभंडार) का ताला खोला गया था तो ताला लगाकर उसे लाख से सील करने के बाद चाबी किसे दी गयी थी? और चाबी कहां रखी गयी थी? चाबी जिलाकोषागार में नियमानुसार रखी जाती है तो वहां से कहां रिकार्ड रूम कैसे पहुंची? श्रीमंदिर प्रशासन अब तक खामोश क्यों रहा? चाबी प्रकरण पर तबादले पर भेजे गए श्रीमंदिर प्रशासक प्रदीप जेना ने पुरी जिलाधिकारी पर क्या रिपोर्ट सरकार को दी? इन सवालों के जवाब जांच कमीशन को तलाशने होंगे।

कैसे भरोसा हो सरकारी आदेश पर की गई जांचों काःपोद्दार

इस मामले की जांच करने के लिए जांच कमेटी भी गठित जा चुकी है। पर पीछली जांच कमेटियों की जांच को अब तक शासन की ओर से गंभीरता से न लेने पर इस पर भी भरोसा करना है मुश्किल है। इस संबंध में हिंदू महासभा के पूर्वी भारत के प्रभारी और राष्ट्रीय प्रवक्ता श्यामसुंदर पोद्दार कहते हैं कि श्रीजगन्नाथ मंदिर पुरी प्रकरण पर अब तक गठित न्यायिक जांच कमीशनों की रिपोर्ट को शासन ने कभी भी गंभीरता से नहीं लिया। ऐसे जस्टिस (रि) रघुवीर दास कमीशन की रिपोर्ट को किस तरह लिया जाएगा, इसमें संदेह है।

मुख्यमंत्री का बयान इस पर आना चाहिए। पोद्दार बताते हैं कि पिछले न्यायिक जांच कमीशनों और सरकार के रवैये पर पर नजर डालें यह तस्वीर सामने आती है। जुलाई 27, 1997 नवकलेबर कुप्रबंधन पर गठित न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष ओडिशा हाईकोर्ट के जज (रि) बीके पात्रा ने सेवायतों के पैतृक अधिकार को रद्द करने और दान प्रणाली बदलने की सिफारिश की थी जिस अपर अब तक अमल नहीं हुआ।

:- दिसबंर 5, 1993 ओडिशा हाईकोर्ट के जज (रि) जीवनमोहन महापात्र की अध्यक्षता वाले न्यायिक जांच कमीशन ने नागार्जुन वेश भगदड़ कांड में 6 लोगों की मौत के मामले की जांच की थी। रिपोर्ट अब तक गायब है। सरकार कहती है कि रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।

:- नवंबर 4, 2006 जस्टिस (रि) पीके महंति न्यायिक जांच कमीशन ने श्रीजगन्नाथ मंदिर परिसर में भगदड़ से हुई चार मौतों की घटना की जांच की थी। इस जांच कमीशन की रिपोर्ट कहां है किसी को नहीं पता।

:- जुलाई 21, 2016 जस्टिस (रि) बीपी दास की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कमीशन ने मंदिर में सुधार को लेकर अपनी दो अंतरिम रिपोर्ट सरकार को सौंपी। ये रिपोर्ट सार्वजनिक अब तक नहीं की गयी। जांच कमीशन का कार्यकाल जनवरी 2018 में खत्म हो गया।


:- अब इसी जून 4, 2018 को हाईकोर्ट जज (रि) रघुबीर दास की अध्यक्षता में गठित जांच आयोग को जगन्नाथपुरी मंदिर के रत्नभंडार की रहस्यमय परिस्थितियों में चाबी खोने की घटना की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। अगस्त में रिपोर्ट आएगी।