
जवानों के खिलाफ सड़क पर लाठी-डंडे लेकर निकली ग्रामीण महिलाए, फिर बयां किया दर्द...
जवानों के खिलाफ सड़क पर लाठी-डंडे लेकर निकली ग्रामीण महिलाए, फिर बयां किया दर्द...
बीजापुर. गंगालूर थाना क्षेत्र के कोरचोली में गुरूवार को एक वर्दीधारी माओवादी को ढेर करनेे के बाद इलाके में सर्चिंग कर रहे पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों पर सावनार, कोरचोली, तोड़का की महिलाओं ने बेरहमी के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट का आरोप लगाया है। साथ ही जिला मुख्यालय पहुंचकर पीडि़त महिलाओं ने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विक्रम मंडावी के साथ इस मामले में जिला प्रशासन के पास न्याय की गुहार लेकर पहुंची थी। साथ ही महिलाओं का यह भी कहना है कि जब तक इस मामले में आरोपी जवानों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती तब तक वे अपने बच्चों के साथ जिला मुख्यालय में डटी रहेंगी।
मुख्यालय पहुंच पीडि़त महिलाओं ने बयां की आपबीती
जिला मुख्यालय पहुंची पीडि़त महिलाओं ने बताया कि जवानों द्वारा प्रभावित तीनों गांव में महिलाओं के अलावा बच्चों की भी बर्बरता से पिटाई करने के अलावा जोर जबरदस्ती की कोशिश की गई। इस दौरान महिलाएं पर बांस के डंडों को भी साथ लेकर बीजापुर पहुंची थी। जिनसे जवानों द्वारा बेरहमी से उनकी पिटाई की गई। महिलाओं का कहना है कि जवानों की बेदम पिटाई से कई महिलाओं के हाथ-पांव समेत शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। इस मामले में कोरचोली से पहुंची मंगली पोटाम, लक्ष्मी पोटाम ने मीडिया को बताया कि गुरूवार सुबह सावनार के नजदीक खेतों में गोली चलने की आवाज सुनाई पडऩे पर गांव की महिलाएं खेतों की तरफ भागी। चूंकि गांव के पुरूष खेतों के आस-पास मिंजाई कर रहे थे। जबकि बच्चे मवेशी चराने गए हुए थे। गोली की आवाज सुनकर महिलाएं डर गई थी।
अनहोनी की आशंका से महिलाएं दौड़ी
अनहोनी की आशंका से महिलाएं खेतों की तरफ दौड़ी-दौड़ी जा रही थी। कोरचोली और तोड़का गांव की महिलाएं भी खेतों की ओर आ रही थी। इसी दौरान एक स्थान पर सुरक्षा बल के कुछ जवानों ने उनका रास्ता रोक लिया। चार जवान जो नशे की हालत में थे। सबसे पहले उन्होंने महिलाओं से दुव्र्यवहार शुरू किया। उन्हें एक स्थान पर एकत्रित कर नक्सलियों के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी और थोड़ी देर बाद डंडे बांस से पिटना शुरू कर दिया। महिलाओं ने इसका विरोध किया तो जवान और भी उग्र हो गए। बेरहम जवानों ने बच्चों को भी नहीं बख्सा। कोरचोली की सुक्की ने बताया कि मारपीट मे ंउसकी छह साल की बच्ची लहूलुहान हो गई है। महिलाओं ने दावा किया है कि मारपीट करने वाले कुछ जवानों को चेहरे से पहचानती है। उनमें एक पूर्व एसपीओ भी शामिल है, जो गंगालूर इलाके का स्थानीय निवासी है।
पहले जमकर पी शराब फिर मचाया उत्पात
पीडि़त महिलाओं ने जवानों पर पहली बार यह चौंकाने वाला आरोप भी लगाया है कि मुठभेड़ के बाद गश्त के दौरान जवानों ने पहले तो गांव से ही शराब लेकर जमकर शराबखोरी की। उसके बाद नशे की हालत में ही महिलाओं की लाठी और डंडों से बेदम पिटाई की। इस मामले में बीजापुर एसपी एमआर अहिरे ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है।
भाजपा राज में पुलिस प्रशासन का तानाशाह
इस मामले में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विक्रम मंडावी ने पीडि़त महिलाओं के साथ प्रेसवार्ता के दौरान कहा है कि अगर इस पूरे मामले में पीडि़तों को शासन-प्रशासन की ओर से अगर कोई न्याय नहीं मिलता है तो न्याय दिलाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले उग्र आंदोलन किया जाएगा। साथ ही जिला कांग्रेस कमेटी की एक टीम शीघ्र ही प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर पीडि़तों से मुलाकात करेगी और जवानों द्वारा बरपाए कहर की रिपोर्ट को हाईकमान को सौंपा जाएगा। वही मंडावी ने यह आरोप लगाया है कि भाजपा के इस राज में पुलिस और अधिकारी अपना आतंक मचा रहे हैं। जिसके चलते ग्रामीण ही नहीं बल्कि कोई भी व्यक्ति राज्य में सुरक्षित नहीं है।
पामेड़ में कोसी नहीं, मारी गई जोगी
15 दिसंबर को पामेड़ थाना क्षेत्र के जारपल्ली के जंगल में हुए मुठभेड़ पर सवालिया निषान लगाते हुए नक्सलियों के दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी के सचिव विकास ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया है कि पामेड़ क्षेत्र में हुए मुठभेड़ में सीआरपीएफ और डीआरजी के जवानों द्वारा अंधाधूंध फायरिंग कर ग्रामीण महिला पोडिय़म जोगी की हत्या की है। नक्सली नेता ने यह आरोप भी लगाया है कि जंगलों को कटवाकर कैंप बिठाए जा रहे हैं और जब से कैंप बिठाए गए हैं। तब से पुलिस बल आस-पास के गांवों में गष्त कर ग्रामीणों की बेरहमी से पिटाई कर रहे हैं। साथ ही घरों में लूटपाट करने के अलावा जबरन ग्रामीणों को कैंप ले जाकर उन्हें जेल भेज दिया जा रहा है।
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Published on:
22 Dec 2017, 7:58 PM IST
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