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बीकानेर. महाजन. शहरी व ग्रामीण अंचल की बेटियों को खुद की सुरक्षा के लिए 'दक्षÓ किया जाएगा। इसके लिए बेटियों को जूड़ो-कराटे व ताइक्वांडो का प्रशिक्षण देने की कार्ययोजना बनाई गई है। शिक्षा विभाग सभी जिलों के सरकारी विद्यालयों में पढऩे वाली बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए जल्द ही शिविर लगाएगा।
बीकानेर में इस कार्य के लिए 844 शारीरिक शिक्षकों या शिक्षिकाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं सम्भाग के चारों जिलों में 3580 शारीरिक शिक्षकों को इसके लिए तैयार किया जाएगा।
प्रदेश में 32 हजार 656 शारीरिक शिक्षकों को पहले आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। इस सम्बंध में राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के राज्य परियोजना निदेशक ने प्रदेश के सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों के परिपत्र जारी कर इसी माह में ही प्रशिक्षण पूरा करवाने के निर्देश दिए हैं।
बढ़ेगा आत्मविश्वास
आत्मरक्षा के गुर सीखने से बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा। साथ ही वे मनचलों से अपनी सुरक्षा बखूबी कर सकेंगी। ग्रामीण विद्यालयों की बालिकाओं ने पिछले साल भी इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविरों में बढ़-चढ़़कर हिस्सा लिया था।
हर साल ट्रेनिंग
शारीरिक शिक्षकों को हर साल मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी जाती है। यह शिक्षक फिर स्कूलों में बालिकाओं को यह ट्रेनिंग देते हैं।
महावीरसिंह पूनिया, संयुक्त निदेशक, समग्र शिक्षा अभियान।
लूणकरनसर ब्लॉक में बेटियों को आत्मरक्षा में दक्ष बनाने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए सभी विद्यालयों से एक-एक शिक्षक का चयन किया गया है। प्रशिक्षण के लिए तिथि भी निर्धारित की जा चुकी है।
रेवंतराम पडि़हार, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, लूणकरनसर।
सम्भाग के चारों जिलों में 3580 शिक्षकों को मार्शल आर्ट की टे्रनिंग दी जाएगी। बीकानेर में 844, श्रीगंगानगर में 1021, हनुमानगढ़ में 737 और चूरू में 978 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए पीटीआइ अनिवार्य नहीं है। गुर सिखाने के बाद ये प्रशिक्षित शिक्षक विद्यालयों में शिविर लगाकर बेटियों को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण देंगे।
Updated on:
10 Feb 2019, 1:52 PM IST
Published on:
10 Feb 2019, 1:52 PM IST
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