चार हजार टांके व स्ट्रक्चर बनेंगे
गुप्ता ने बताया कि तृतीय चरण के प्रस्तावित कार्यों में 4 हजार 270 टांका एवं रूफ टॉप वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर, 17 तालाबों एवं जोहड़ का नवीनीकरण अथवा निर्माण, 55 डिग्गी अथवा जलहौज निर्माण, वनीकरण एवं वृक्षकुंज के 28 तथा 51 अन्य कार्य प्रस्तावित हैं। तृतीय चरण के कार्यों से लगभग 40 करोड़ लीटर अतिरिक्त वर्षा जल भंडारण की क्षमता विकसित होगी, जो जिले के लिए अत्यंत लाभदायक रहेगी।