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नगर निगम ने शुरू की प्रक्रिया, श्वानों की होगी नसबंदी, एक साल में खर्च होंगे 80 लाख रुपए

निगम अनुभवी संगठन या संस्था के माध्यम से यह कार्य करवाएगा।
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बीकानेर

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Anushree Joshi

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Updated: 7 Mar 2018, 11:57 AM IST

Dogs

शहर में श्वानों की संख्या पर नियंत्रण को लेकर अब उम्मीद जागी है। नगर निगम की ओर से श्वानों की नसबंदी करने तथा शहर को रेबीज मुक्त करने की प्रक्रिया को शुरू किया गया है। श्वानों को पकड़कर उनकी नसबंदी करने तथा रेबीज टीकाकरण पर निगम अगले दो साल तक प्रतिवर्ष करीब 80 लाख रुपए खर्च करेगा। निगम अनुभवी संगठन या संस्था के माध्यम से यह कार्य करवाएगा।

निगम आयुक्त ने बताया कि गलियों में घूम रहे श्वानों को पकड़कर उनका बंध्याकरण करने, रेबीज का टीकाकरण कर पुन: उनको निर्धारित स्थल पर छोडऩे का कार्य किया जाएगा। इसके लिए निगम की ओर से निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि पूर्व में भी निगम की ओर से शहर में श्वानों की नसबंदी के कार्य को करवाया गया था, लेकिन बाद में यह कार्य बंद हो गया।

कान पर क्लिप, फोटोग्राफ जरूरी
गली-मोहल्लों से जिन श्वानों को पकड़कर नसबंदी और टीकाकरण किया जाएगा, उनके कान पर क्लिप लगाई जाएगी व फोटोग्राफ भी लिए जाएंगे। आयुक्त ने बताया कि फोटोग्राफ को रिकार्ड के साथ सुरक्षित रखा जाएगा। संस्था या संगठन इस कार्य के लिए स्थाई रजिस्टर संधारण भी करेगी। जहां से श्वान पकड़े जाएंगे उनको नसबंदी और टीकाकरण के बाद पुन: उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा।

हर महीने एक हजार शिकार
जिले में शहर से गांवों तक डॉग बाइट की घटनाए साल दर साल बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े को मानें तो शहर से गांवों तक हर माह करीब एक हजार से भी अधिक लोगों को श्वान काट रहे हैं व घायल लोग उपचार के लिए अस्पतालों में पहुंच रहे है। बीते वर्ष 12 माह में करीब 13 हजार से अधिक लोगो को श्वानों ने काटा था।

संख्या पर होगा नियंत्रण
नसबंदी तथा रेबीज टीकाकरण के कार्य को लेकर निगम की ओर से निविदा जारी की गई है। अनुभवी संस्था या संगठन के माध्यम से यह कार्य करवाया जाएगा। इस कार्य पर लगभग प्रति वर्ष 80 लाख रुपए खर्च होंगे। जहां से श्वान पकड़े जाएंगे नसबंदी के बाद उनको पुन: उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा।
निकया गोहाएन, आयुक्त नगर निगम बीकानेर।