
E waybill system
बीकानेर. वाणिज्यिक कर विभाग इ-वे बिल की अनेदखी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ २० मई से कार्रवाई शुरू कर देगा। हालांकि इ-वे बिल प्रदेश में एक अप्रेल से प्रभावी हो चुका है, लेकिन विभाग के अधिकारी अब तक इ-वे बिल नहीं होने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई करने की बजाय संबंधित व्यापारी से समझाइश कर इ-वे बिल बना देते थे। अब २० मई के बाद समझाइश का दौर समाप्त हो जाएगा।
२० मई के बाद इ-वे बिल नहीं होने की स्थिति में संबंधित व्यापारी के खिलाफ नियमानुसार जुर्माना राशि वसूल की जाएगी। ५० हजार या इससे अधिक के माल का परिवहन करने वाले वाहन चालक को इ-वे बिल कटवाना अनिवार्य होगा। विभाग के उपायुक्त हेमन्त जैन ने बताया कि पिछले डेढ़ माह से इ-वे बिल को लेकर समझाइश के दौर चल रहे थे। विभाग ने विभिन्न स्थानों पर शिविर लगाकर इस संबंध में व्यापारी को जानकारी दी थी।
मिसमैच प्रकरणों को लेकर अभियान शुरू
विभाग ने मिसमैच प्रकरणों के निस्तारण को लेकर अभियान शुरू कर दिया है। संबंधित व्यापारी अभियान के तहत आइटीसी मिसमैच राशियों का सत्यापन तथा बकाया मांगों का निस्तारण करा सकेगा। जैन ने बताया कि मिसमैच प्रकरणों का निस्तारण चाहने वाले व्यापारी ३१ मई तक आवेदन कर सकेंगे।
ऑफ लाइन भी कर सकेंगे आवेदन
अभियान में 25 हजार तक के मिसमैच प्रकरणों में आवेदन ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन लाइन किए जा सकेंगे, जबकि इससे अधिक राशि के प्रकरणों में ऑनलाइन आवेदन ही मान्य होंगे। अभियान की अवधि में आइटीसी मिसमैच के सत्यापन के लिए जो व्यवसायी आवेदन प्रस्तुत नहीं करेंगे, उनकी मिसमैच राशियों को वसूली योग्य मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
16 May 2018, 12:48 PM IST
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