13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गंदे पानी से सब्जियों की सिंचाई, रोजाना बीमारियां पहुंच रही घर-घर

शहर के आस-पास एक हजार बीघा क्षेत्र में गंदे पानी से सब्जियाें की खेती  

2 min read
Google source verification
गंदे पानी से सब्जियों की सिंचाई, रोजाना बीमारियां पहुंच रही घर-घर

विमल छंगाणी

बीकानेर. शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गंदे पानी से सब्जियां उगाई जा रही है। ये सब्जियां रोज सब्जी बाजार व ठेलों-गाड़ों के माध्यम से घर-घर तक पहुंच रही है। जिससे इनका सेवन करने वालों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिला प्रशासन, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग भी इसकी जानकारी के बावजूद सब्जियों की खेमी में गंदे पानी से सिंचाई पर अंकुश नहीं लगा रहा है। हैरानी की बात है कि सरकारी नाले-नालियों से ही यह गंदा पानी खेतों और सब्जियों की बाड़ी तक पहुंचता है।

इन क्षेत्रों में तैयार हो रही सब्जियांशहर में बल्लभ गार्डन क्षेत्र, सुजानदेसर, गंगाशहर, करणी नगर औद्योगिक क्षेत्र व गेमना पीर रोड पर कई खेतों में गंदे पानी से सब्जियों की सिंचाई की जा रही है। जिन्हें रोजाना बाजार में बेचा जाता है।

एक हजार बीघा पर सब्जी की खेती

शहर में एक हजार बीघा से भी अधिक जमीन पर गंदे पानी से सब्जियों को उगाया जा रहा है। इनमें सबसे अधिक बल्लभ गार्डन क्षेत्र में 800 से 1000 बीघा भूमि पर सब्जियां तैयार हो रही है। सुजानदेसर क्षेत्र में करीब 100 बीघा, गेमना पीर रोड पर 150 बीघा जमीन, गंगाशहर क्षेत्र में 50 बीघा और करणी नगर औद्योगिक क्षेत्र में 50 बीघा जमीन पर गंदे पानी से सब्जियां उगाई जा रही है।

हर साल लाखों की कमाई

सैकड़ों बीघा जमीन पर हर साल तैयार की जा रही सब्जियों से संबंधित लोगों को लाखों रुपए की कमाई हो रही है। अधिकतर जमीने रसूखदारों की है। निजी और सरकारी जमीनों पर गंदे पानी से सब्जियां तैयार हो रही है। जिला और निगम प्रशासन ने ऐसी सब्जियों को कई बार हटवाया भी था।

ये सब्जियां हो रही तैयार

शहर में गंदे की सिंचाई से मूली, पालक, मेथी, घीया, धनिया, फूलगोभी, बैंगन, प्याज, चंदलिया, ककड़ी, खीरा, लौकी की सब्जियां तैयार की जा रही है।

एसटीपी पहुंचे नालों का पानी

गंदे पानी से तैयार सब्जियां स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। भाजपा नेता भगवती प्रसाद गौड के अनुसार प्रशासन नालों का पक्का निर्माण करें। गंदा पानी सीधा एसटीपी तक पहुंचने की पुख्ता व्यवस्था हो। जब नालों व खुले में गंदा पानी ही नहीं रहेगा, तो सब्जियों में सिंचाई के उपयोग नहीं लिया जा सकेगा।

तो राजस्व भी मिले

संबंधित खबरें

बल्लभ गार्डन, सुजानदेसर में एसटीपी है। सामाजिक कार्यकर्ता मिलन गहलोत के अनुसार नालों का गंदा पानी एसटीपी पहुंचकर शोधित होना चाहिए। शोधित पानी सिंचाई के लिए दिया जाना चाहिए। इससे निगम को राजस्व की प्राप्ति भी होगी।

तीन एसटीपी, लाखों लीटर पानी शोधित

शहर में बल्लभ गार्डन, सुजानदेसर और सरह नथानिया क्षेत्र में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट है। इन तीनों से रोज लाखों लीटर पानी का शोधन हो रहा है। यह शोधित पानी खुले में छोड़ा जा रहा है। इसका उपयोग सिंचाई, गार्डनिंग, गौवंश के लिए घास उगाने आदि कार्य में हो सकता है।

स्वास्थ्य के लिए हानिकारक

नाले के गंदे पानी से तैयार होने वाली सब्जियां स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है। नाले के गंदे पानी में फैक्टि्रयों से निकला हानिकारक कैमिकल, कचरा, गंदगी सहित विभिन्न प्रकार की गंदगी होती है। इससे तैयार सब्जियों को खाने से शरीर में लीवर, गुर्दा, आंत आदि अंगों पर प्रतिकूल असर पड़ता है। स्वच्छ पानी से तैयार होने वाली सब्जियों का ही उपयोग करना चाहिए।

डॉ. मोहम्मद अबरार, सीएमएचओ, बीकानेर।