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सर्व राजपूत समाज संघर्ष समिति ने सरकार को किया आगाह, कहा- सरकार नहीं चेती तो करेंगे स्वाभिमान यात्रा, देखिये वीडियो

सर्व राजपूत समाज संघर्ष समिति ने कहा कि राजपूत समाज व रावणा राजपूत समाज इस शासन में उपेक्षित महसूस कर रहा है।
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बीकानेर

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dinesh kumar swami

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Updated: 7 May 2018, 9:11 AM IST

press conference

प्रेस कांफ्रेंस

बीकानेर . सर्व राजपूत समाज संघर्ष समिति ने कहा कि राजपूत समाज व रावणा राजपूत समाज इस शासन में उपेक्षित महसूस कर रहा है। राज्य और केन्द्र सरकार तक बात पहुंचाने के बाद भी सरकार समाज के आंदोलन को हल्के में ले रही है। समय रहते सरकार नहीं चेती तो संभी संस्थाओं को साथ लेकर 3 जून से जयपुर से 'भाजपा हटाओ-राजस्थान बचाओÓ के नारे के साथ स्वाभिमान यात्रा शुरू की जाएगी।

समिति के अध्यक्ष गिरिराजसिंह लोटवाड़ा ने रविवार को यहां पत्रकारों को बताया कि सरकार राजपूत समाज की उपेक्षा कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने समिति की मांगों को उठाते हुए कहा कि आनंदपाल प्रकरण में सरकार से हुए समझौता को लागू किया जाना चाहिए।

यूं चलेगा अभियान
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि 12 सूत्री मांगों को लेकर प्रदेशभर में स्वाभिमान यात्रा निकालकर जनता को जागृत करेंगे। उन्होंने कहा कि 13 मई को अजमेर संभाग, 20 मई को कोटा संभाग, 27 मई को उदयपुर संभाग और एक जून को भरतपुर संभाग में जाएंगे। मीडिया के जरिए भी समाज को संदेश दिया जाएगा।

रोष का यह कारण
समिति में शामिल दुर्गसिंह खींवसर ने कहा कि समाज में सरकार के प्रति रोष है, क्योंकि सांवराद गांव में पुलिस की गोलीबारी से निर्दोषों की जानें गई, झूठे मामले दर्ज किए। बच्चों और महिलाओं पर कहर बरपाया गया, लेकिन सरकार के कान पर जंू तक नहीं रेंग रही। इस कारण समाज आंदोलित है।

इन्होंने रखी बात
पत्रकार वार्ता में क्षत्रिय सभा बीकानेर संभाग के अध्यक्ष बजरंग सिंह रोयल, मारवाड़ राजपूत सभा अध्यक्ष हनुमान ङ्क्षसह खंगटा, रावणा राजपूत समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष गजेन्द्र ङ्क्षसह सांखला, प्रदेश प्रतिनिधि मोहन सिंह हाथोज, करणी राजपूत सेना के प्रदेशाध्यक्ष करणप्रताप सिंह सिसोदिया, राष्ट्रीय करणी सेना के आनंद सिंह, कर्नल हेमसिंह सहित गणमान्य लोग शामिल हुए।

संघर्ष समिति ने रखी ये मांगें

आनंदपाल प्रकरण में सरकार से हुए समझौता को लागू किया जाए। प्रकरण में सीबीआई से एक एफआईआर की जांच करवाई जानी थी, लेकिन सरकार ने दो अन्य एफआईआर सीबीआइ को दे दी, उन्हें वापस लें।

चतुरङ्क्षसह सोढ़ा एनकाउंटर प्रकरण में सीबीआई जांच के आदेश शीघ्र दिलाए जाएं।
राजपूत समाज को आरक्षण दिलाया जाए। कृषक करसा राजपूत समाज के लोगों का पूरे प्रदेश में सर्वे करवा कर शीघ्र आरक्षण लागू किया जाए।
पद्मावती फिल्म को पूर्णतया बैन एवं भविष्य में सामाजिक भावनाओं को आहत करने वाली फिल्म की शूटिंग पर रोक लगाई जाए।
ब्रिगेडियर जगमाल सिंह ने कहा कि बीकानेर में ऐतिहासिक कीर्ति स्तम्भ पर रियासतकाल में शहीद वीरों की गाथा लिखी जानी चाहिए।
जिन लोगों के पास पैतृक हथियार हैं, उन्हें पैतृक सम्पत्ति की तरह परिजनों को हस्तांतरित किया जाएं और लाइसेन्स शुल्क में अनुपातिक तौर पर कमी की जाए।
श्री राजपूत सभा पर सर्विस टैक्स की शास्ती चार करोड़ से अधिक है, उसे वापस लिया जाए।
सामाजिक संस्थाओं को यूडी टैक्स मुक्त किया जाए।
सामराऊ प्रकरण में सभी दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए एवं भड़काऊ भाषण देने वालों पर कार्रवाई हो।
1947 से अब तक युद्धों में शहीदों के परिजनों को वर्तमान में परिलाभ दिया जाए।
नेशनल हाईवे पर निजी वाहनों को टोल मुक्त किया जाए।
धरोहरों का मूल स्वरूप नहीं बदलें।