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राजस्थान पत्रिका के खुलासे पर प्रशासन की कार्रवाई, राशन वितरण में घोटालों की जांच करने पहुंचे नौ अधिकारी

आज दिनभर खंगालेंगे दस्तावेज, गड़बड़ी करने वाले उचित मूल्य दुकानदारों की खुलेगी पोल, राशन कार्डों का हो सकता है निरीक्षण
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scam in Ration distribution

राशन वितरण में हुए करोड़ों रुपए के तथाकथित घोटालों की परतें अब खुल सकेंगी। जयपुर मुख्यालय के निर्देश पर मंगलवार को एक साथ नौ अधिकारियों का दल जांच के लिए बीकानेर आया है। दल में शामिल अधिकारी बुधवार से जांच शुरू करेंगे। अधिकारियों ने पहुंचते ही रसद विभाग से कुछ दस्तावेजों को जांच के लिए कब्जे में लिया।

विभिन्न जिलों से आए नौ अधिकारियों के तीन दल बनाए गए हैं। अधिकारियों के तीनों दल बुधवार सुबह खाजूवाला, कोलायत, पूगल, बीकानेर, नोखा, छतरगढ़, लूणकरनसर व श्रीडूंगरगढ़ तहसीलों में दौरा करेंगे। वे वहां उचित मूल्य दुकानदारों के यहां गेहूं, चीनी, केरोसिन आवंटन और वितरण का निरीक्षण करेंगे। अधिकारी इस बात की जांच भी करेंगे कि वितरण वास्तव में हुआ या कागजों में ही बंटना दर्शाया गया है।

'राजस्थान पत्रिका' ने पिछले दिनों 'गरीब के राशन में घोटालों की गांठÓ अभियान चलाया और समाचार प्रकाशित कर राशन वितरण में घोटाले का खुलासा किया था। खबरों में बताया गया कि गांव के उचित मूल्य दुकानदार अपने राशन को खपाने के लिए शहरी क्षेत्रों में वितरण कर रहे हैं।

साथ ही यह भी बताया कि पोस मशीनों से तथाकथित गलत आधार कार्ड नम्बर लगाकर गरीब के राशन की कालाबाजारी की जा रही है। इसके बाद खाद्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव राजीव सिंह ठाकुर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई करने निर्देश दिए और विभिन्न जिलों के अधिकारियों को जांच के लिए बीकानेर भेजा।

दो दशक से जमे रसद अधिकारी का तबादला
करीब दो दशक से बीकानेर में जमे रसद अधिकारी पार्थसारथी का आखिरकार तबादला हो ही गया। उन्हें अलवर भेजा गया है। तबादले के पीछे पार्थसारथी पर राशन वितरण में गड़बड़ी से जुड़ी शिकायतें सामने आने को आधार माना जा रहा है। हालांकि इस संबंध में अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पार्थसारथी पर रसद अधिकारी (ग्रामीण) की जिम्मेदारी थी।

वे यहां करीब बीस साल पहले बतौर प्रवर्तन निरीक्षक पदस्थापित थे। बीच में उनका स्थानांतरण धौलपुर भी किया गया था, लेकिन कुछ समय बाद ही उन्हें वापस बीकानेर में रसद अधिकारी पद पर लगा दिया गया। इनके पास वर्षों तक रसद अधिकारी (शहर) का अतिरिक्त प्रभार भी रहा। पिछले दिनों 'राजस्थान पत्रिकाÓ ने अभियान चलाकर राशन वितरण में घोटाले का खुलासा किया था।

इसके बाद मुख्यालय का ध्यान इस ओर गया और रसद अधिकारी का स्थानांतरण कर उन्हें रिलीव करने के आदेश जारी किए। फिलहाल रसद अधिकारी (ग्रामीण) का चार्ज प्रवर्तन अधिकारी देवाराम को सौंपा गया है। पार्थसारथी के साथ जिला रसद अधिकारी 'सतर्कताÓ सुरेन्द्र महला का स्थानांतरण भी चूरू जिले में बतौर रसद अधिकारी किया गया है।

जांच दल पर एक नजर
मंगलवार को बीकानेर पहुंचे दल में भरतपुर के रसद अधिकारी (प्रथम) रामचरण मीणा व प्रवर्तन अधिकारी संजीव कुमार शर्मा, अलवर के प्रवर्तन निरीक्षक प्रशांत यादव खाजूवाला व कोलायत तहसील में बुधवार सुबह से ही जांच शुरू कर देंगे। दूसरे दल में शामिल उदयपुर के रसद अधिकारी (द्वितीय) जयमल राठौड़ व प्रवर्तन अधिकारी विजय सिंह तथा राजसमंद के प्रवर्तन निरीक्षक रंजीत सिंह सिसोदिया पूगल, बीकानेर व नोखा तहसील में जांच करेंगे।

तीसरे जांच दल में शामिल बांसवाड़ा के रसद अधिकारी डालचंद खटीक, उदयपुर के प्रवर्तन अधिकारी प्रद्युम्न सिंह रानावत तथा चित्तौडग़ढ़ के प्रवर्तन निरीक्षक भंवर लाल नाई छतरगढ़, लूणकरनसर व श्रीडूंगरगढ़ तहसील में राशन कार्डों और उचित मूल्य दुकानदारों को आवंटित राशन व वितरण की जांच करेंगे।

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