28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बरसात के साइड इफेक्ट: कही उखड़े पेड़ तो कही बिजली पोलों में करंट से पशुओं पर आफत

दो दिनों से हो रही बारिश के साथ ही करंट का दंश सताने लगा है। बेजुबान पशुओं की शामत बन आई है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बीकानेर

•

image

dinesh kumar swami

•

Updated: 18 Jul 2018, 8:00 AM IST

side effects of rain

side effects of rain

बीकानेर. दो दिनों से हो रही बारिश के साथ ही करंट का दंश सताने लगा है। बेजुबान पशुओं की शामत बन आई है। शहर में कई स्थानों पर हाईमास्ट लाइटें, रोड लाइटों के बॉक्स खुले पड़े हैं। ट्रांसफार्मरों की फेंसिंग व जर्जर लोहे के पोल की चेपट में आने से पशुओं की मौत हो रही है।

बावजूद इसके नगर निगम, बिजली कंपनी व जिला प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद करीब आधा दर्जन मवेशियों की मौत हो गई थी। ताजा बारिश के बाद गंगाशहर, नागणेचीजी मंदिर के समीप विद्युत पोल में करंट प्रवाहित होने से गाय व गोवंश की मौत गई थी।

रोड लाइटों से करंट
बिजली कंपनी के प्रतिनिधि का दावा है कि रोड लाइटों में करंट होने से पशु चपेट में आ रहे हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के जो भी तार व खंभे हैं, दुरुस्त किया जा चुका है।


गांवों में पांच दर्जन खंभे टूटे
ग्रामीण क्षेत्रों में पांच दर्जन से भी अधिक विद्युत पोल, लाइनें व ट्रांसफार्मर नीचे गिर गए हैं। इस कारण कई गांवों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। खाजूवाला व बज्जू में मंगलवार को बिजली आपूर्ति सुचारू हुई। खंभे टूटने से विद्युत निगम को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। शहरी क्षेत्र में पीबीएम अस्पताल परिसर में एक विद्युत पोल गिर गया, तार टूट गए। इससे कई देर तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।


कुत्ते की मौत पर रोष
गांधी नगर क्षेत्र में सोमवार रात को करंट की चपेट में जाने से विदेशी नस्ल के कुत्ते की मौत होने के बाद लोगों में रोष है। मंगलवार को कैलाशपुरी निवासी सीताराम सियाग ने इस संबंध में एक परिवाद बीछवाल थाने में दिया है। इसमें लापरवाही का आरोप लगाते हुए बिजली कंपनी व विद्युत निगम के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

कहां कितने पोल टूटे
अधीक्षण अभियंता कृष्णलाल घुघरवाल ने बताया कि बारिश के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में छत्तरगढ़ में 15, लूणकनसर में 15, श्रीडूंगरगढ़ में 5, नोखा में 30, खाजूवाला में 12, बज्जू में ०८, बीकानेर ग्रामीण में 3 ट्रांसफार्मर गिर गए हैं। इस कारण गांवों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी चौपट रही।