अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रान्तव्यापी आह्वान पर सातवें वेतनमान का नगद भुगतान जनवरी 2016 से लागू करने व अनुसूची पांच में संशोधन के नाम पर वेतन कटौती आदेश वापिस लेने सहित विभिन्न मुद्दों का निस्तारण करने की मांग करते हुए कर्मचारियों ने सोमवार से ४८ घंटे का क्रमिक अनशन कलक्ट्रेट कार्यालय के आगे शुरू कर दिया।
संघर्ष समिति के नेता जयकिशन पारीक ने बताया कि 21 कर्मचारियों के साथ अनशन शुरू किया। इनके समर्थन में करीब सौ कर्मचारियों ने धरना स्थल पर पहुंच कर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। अनशन करने वालों में पृथ्वीराज लेघा, रामलाल सुथार, ताराचन्द जयपाल, लक्ष्मण पुरोहित, मकबूल अहमद, लूणाराम बाना, गुलाबनाथ योगी,
बजरंग भादू, श्यामसुन्दर बिश्नोई, लालूराम गोदारा, अनिल जोशी, श्याम सुन्दर हर्ष, किशनलाल बिश्नोई, मोहनलाल पाण्डे, गुरचरण सिंह मान, मो. इलियास जोईया, अनिल वर्मा, सत्यनारायण पंवार, छैलू सिंह बीठू, चांदरतन सोलंकी थे।
सरपंचों का समर्थन सरपंच एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गिरधारीलाल महिया के नेतृत्व में जिले भर से आए सरपंचों ने भी अनशन स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया। धरनास्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए जयकिशन पारीक ने कहा कि लम्बे समय से आंदोलनरत कर्मचारियों से राज्य सरकार कोई संवाद कायम नहीं कर रही है। इससे कर्मचारियों में आक्रोश है।
सघर्ष समिति के सदस्य पृथ्वीराज लेघा ने कहा कि 12 दिसम्बर को सभी कार्यालयों में कर्मचारी अपने काम का बहिष्कार करेंगे। 13 दिसम्बर को दोपहर 3 बजे जिला कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करेंगे। फिर भी सरकार नहीं चेती तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सभा में जेठमल व्यास, गुरचरण सिंह मान, रेसला के जिलाध्यक्ष गिरधारी गोदारा, पटवार संघ के जिलाध्यक्ष संजय गौड़, सत्यनारायण पंवार आदि ने सम्बोधित किया।
14 को नहीं होगी मूंगफली की तुलाई अनाज मंडी की 12 बीघा जमीन पर चल रही मूंगफली की तुलाई 14 दिसम्बर को नहीं होगी। बीकानेर कोलायत तहसील क्रय-विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि आगामी तुलाई 16 दिसम्बर को ही होगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे 14 दिसम्बर को अनाज मण्डी में समर्थन मूल्य पर की जाने वाली खरीद प्रक्रिया के तहत मूंगफली नहीं लाएं।