4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

करंट से युवक की मौत, परिजन-ग्रामीण बैठे धरने पर

भोलासर गांव की रोही स्थित खेत में सोमवार को हाईटेंशन विद्युत लाइन के टूटे तार की चपेट में आने से एक युवक मौत हो गई।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बीकानेर

•

image

dinesh kumar swami

•

Updated: 20 Feb 2018, 11:30 AM IST

बीकानेर/कोलायत. तहसील के भोलासर गांव की रोही स्थित खेत में सोमवार को हाईटेंशन विद्युत लाइन के टूटे तार की चपेट में आने से एक युवक मौत हो गई। हादसे के विरोध में ग्रामीण मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता एवं एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर पीबीएम अस्पताल के मुर्दाघर के सामने धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी नहीं होने तक शव लेने से इनकार कर दिया।

करीब छह घंटे बाद रात को प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों के बीच समझौता हुआ। वार्ता में अधिकारियों ने पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिलाया। साथ ही २५ लाख रुपए की सहायता एवं एक सदस्य को नौकरी देने का प्रस्ताव सरकार को भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना हटा लिया गया।

भोलासर निवासी शिव पुत्र पोखरराम जोशी सोमवार सुबह मोटरसाइकिल पर भोलासर जा रहा था। इस दौरान खेत में टूटी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। घटना की सूचना मिलने पर गजनेर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मुर्दाघर में रखवाया। शव का मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

अधिकारी पहुंचे
हादसे के विरोध में ग्रामीण पीबीएम अस्पताल के मुर्दाघर के सामने एकत्र हो गए। परिजनों व ग्रामीणों ने हादसे के लिए सीधे तौर पर विद्युत निगम को जिम्मेदार बताया। प्रदर्शनकारी मृतक के परिजनों को २५ लाख रुपए की आर्थिक सहायता व एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।

धरने में विप्र फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष भंवर पुरोहित, गोपाल गहलोत, हरिगोपाल उपाध्याय, नंदकिशोर गालरिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बाद में एसडीएम नैनूसिंह सहित विद्युत विभाग के अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से समझाइश की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में शहर जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश आचार्य एवं भाजपा महामंत्री मोहन सुराना की मध्यस्थता में वार्ता हुई, जिसमें भंवर उपाध्याय, जेपी व्यास, किशोर आचार्य,

चतरसिंह, मुश्ताक अली भाटी एवं बिरजू प्यारे, मोतीलाल हर्ष, पवन जोशी, राजकुमार सहित मृतक के परिजन और जोधपुर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता हवासिंह, एक्सईएन एवं जेईएन प्रदीप जाझू शामिल हुए। वार्ता में अधिकारियों ने पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिलाया। साथ ही २५ लाख रुपए की आर्थिक सहायता एवं एक सदस्य को नौकरी देने के प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना हटा लिया गया।

लाइन पुरानी
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की विद्युत लाइन काफी पुरानी हो चुकी है। विद्युत निगम के अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी पुरानी लाइनों को बदला नहीं गया, जिसके चलते सोमवार को हादसा हो गया।

प्रस्ताव भिजवाएंगे
हादसे की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। मृतक आश्रितों को नियमानुसार पांच लाख का मुआवजा दिया है। 25 लाख रुपए एवं नौकरी के लिए सरकार को प्रस्ताव भिजवा दिए जाएंगे।
हवासिंह, अधीक्षण अभियंता, जोधपुर डिस्कॉम