25 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Bilaspur High Court: किसान की आपत्ति दरकिनार, हाईकोर्ट ने रेलवे को जारी किया नोटिस, जानें क्या है पूरा मामला?

Bilaspur High Court: भू अर्जन के विरुद्ध भूमि स्वामी द्वारा प्रस्तुत आपत्ति को बगैर सुनवाई निरस्त करने पर हाईकोर्ट ने रेलवे को नोटिस जारी किया है।
less than 1 minute read
Google source verification
हाईकोर्ट (Photo source- Patrika)

हाईकोर्ट (Photo source- Patrika)

Bilaspur High Court: भू अर्जन के विरुद्ध भूमि स्वामी द्वारा प्रस्तुत आपत्ति को बगैर सुनवाई निरस्त करने पर हाईकोर्ट ने रेलवे को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता किसान की खेती की जमीन अधिग्रहित की जा रही थी, जिस पर वह आश्रित है। दक्षिण पूर्व रेलवे महाप्रबंधक द्वारा विद्युत सब स्टेशन निर्माण के लिए ग्राम बेलगहना में भू अर्जन की कार्यवाही प्रारंभ की गई थी। रेलवे प्रशासन की मांग पर भू अर्जन अधिकारी ने कार्यवाही शुरू कर प्रारंभिक अभिसूचना प्रकाशित की।

अधिसूचना प्रकाशित होने पर भू स्वामी द्वारा विस्तृत आपत्ति दर्ज की गई। आपत्ति में आधार लिया गया की अर्जित भूमि कृषि भूमि है तथा भूस्वामी इसी पर आश्रित है। यह भी बताया गया कि रेलवे विभाग के पास भी उसी क्षेत्र में भूमि उपलब्ध है, जिस पर सब स्टेशन निर्माण कराया जा सकता है। भू अर्जन अधिकारी ने बगैर समुचित सुनवाई के आपत्ति खारिज कर दी। इसके विरुद्ध याचिकाकर्ता प्रदीप अग्रवाल ने अधिवक्ता सुशोभित सिंह के माध्यम से याचिका दायर की।

समुचित सुनवाई का अवसर नहीं

याचिका में बताया गया कि रेलवे अधिनियम की धारा 20 डी के अनुसार भू अर्जन अधिकारी को भू अर्जन के विरुद्ध आपत्ति पर विचार कर समुचित सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए। आपत्ति निरस्त करना विधि विरुद्ध है। याचिका पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने रेलवे बोर्ड सहित राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया।