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जांजगीर-चांपा के जर्वे का आशीष शुक्ला निकला बैंक फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड

लोन की किश्त जमा नहीं होने पर की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। जांच में पता चला कि आरोपी आदित्य जैन, रितेश शाह और जितेश शाह
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बिलासपुर

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Anil Kumar Srivas

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Updated: 18 Aug 2017, 1:35 PM IST

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बिलासपुर. पीएनबी और देना बैंक से सीजीटीएमएसई (क्रडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एण्ड स्मॉल इंटरप्राइजेस) योजना के तहत करोड़ों का फर्जीवाड़ा करने वाले मास्टर माइंड आशीष शुक्ला की पहचान जांजगीर-चांपा जिले के जर्वे निवासी के रूप में हुई है। रायपुर में रहकर उसने फर्जीवाड़े की योजना बनाई थी। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को पुलिस रायपुर और भिलाई पहुंचकर बैंकों से दस्तावेज जब्त किए हैं। सरगना ने ठगी की रकम 15 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए थे। पुलिस आशीष की सरगर्मी से तलाश कर रही है। कोतवाली के सब इंस्पेक्टर जीएस संधू ने बताया कि केन्द्र सरकार की सीजीटीएमएसई (क्रडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एण्ड स्मॉल इंटरप्राइजेस) योजना के तहत दयालबंद स्थित पंजाब नेशनल बैंक के तत्कालीन मैनेजर मेलूराम कर्मवारी ने कोरबा निवासी आदित्य जैन की कृष्णा विहार कॉलोनी में मैसर्स लक्ष्मी अर्थ मूवर्स को 19 जून 2013 को 50 लाख रुपए स्वीकृत किया गया था

कुछ दिनो के बाद आदित्य के मित्र रितेश शाह ने आरएस ट्रांसपोर्ट को 1 सितंबर 2013 और आदित्य व रितेश के साथी जितेश शाह को कोरबा आरएस ट्रांसपोर्ट को 20 नवंबर 2013 को लोन स्वीकृत किया गया था। लोन की राशि भिलाई के मैसर्स फोस्टर आटो मोबाइल्स के नेहरू नगर स्थित पीएनबी और शांति नगर स्थित देना बैंक के खातों में आरटीजीएस के माध्यम से जमा की गई थी। लोन की किश्त जमा नहीं होने पर की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। जांच में पता चला कि आरोपी आदित्य जैन, रितेश शाह और जितेश शाह नाम फर्जी है। पुलिस ने रायपुर निवासी आलोक कानूनगो, विजय शुक्ला और रामअवतार शर्मा को गिरफ्तार किया था। आरोपियों को पुलिस ने 18 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर लिया था।

चैनूलाल गिरफ्तार, आशीष शुक्ला हुआ गोवा फरार : कोतवाली पुलिस को सरगना आशीष शुक्ला के रायपुर शंकर नगर स्थित किराये के मकान में रहने के पते की जानकारी मिली है। वह रायपुर में अटलांटा कप्यूटर एजेकेशन का संचालक था। पुलिस ने उसके मकान में दबिश दी लेकिन वह एकसाल पहले ही मकान खाली कर भाग गया था। पुलिस को पता चला है कि आशीष गोवा फरार हो चुका है। पुलिस ने उसके कर्मचारी चैनू लाल साहू को गिरफ्तार कर लिया है।
रायपुर के राहुल जैन ने बना था लक्ष्मी अर्थमूवर्स के बैंक खाते का गारंटर : जांच में पुलिस को पता चला है कि पीएनबी दयालबंद में वर्ष 2013 में लक्ष्मी अर्थमूवर्स के संचालक आदित्य जैन उर्फ आलोक कानूनगो के खाते खोलते समय गारंटर के रूप में रायपुर पचपेड़ी नाका स्थित पीएनबी शाखा में खाता धारक मैसर्स बाफना ट्रांसपोर्ट के राहुल बाफना जैन गारंटर बना था। पुलिस उसके खाते की जानकारी ले रही है।

व्यापार विहार देना बैंक से भी थी फर्जीवाड़े की योजना : ठग गिरोह का सरगना आशीष ने व्यापार विहार स्थित देना बैंक में महावीर इंटरप्राइजेस के नाम से खातो खुलवाया था। इस खाते का मालिक ऋषभ जैन को बनाया गया था। ऋषभ ने फोस्टर आटो मोबाइल भिलाई के पीएनबी और देना बैंक में खाता खेलते समय गारंटर बना था। ऋषभ के खाते से जेसीबी खरीदने के लिए फार्म जमा किया गया था, लेकिन तत्कालीन मैनेजर के स्थानांतरण के बाद लोनपास नहीं हुआ था।

आशीष के साथी के खाते में जमा हुए थे 62 लाख रुपए : जांच करने भिलाई पहुंची पुलिस ने गुरुवार को नेहरू नगर स्थित देना बैंक और शांति नगर स्थित पीएनबी से फोस्टर आटो मोबाइल्स के खाते से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच पता चला कि पीएनबी और देना बैंक खाते से यूनियन बैंक में रायपुर चंगूराभाठा निवासी चैनूलाल साहू के खाते में 62 लाख रुपए तीन 3 बार आरटीजीएस के जरिए जमा किए गए थे। चैनू लाल साहू ने बैंक के काउंटर से उक्त रकम नगदी निकले थे। चैनूलाल आशीष के लिए 5 हजार रुपए महीने वेतन पर काम करता था। वहीं दोनों शाखाओं से कोरबा स्थित महाराष्ट्र बैंक में विजय शुक्ला उर्फ रितेश शाह द्वारा खोले गए आरएस ट्रांसपोर्ट के खाते में 40 लाख आरटीजीएस किए गए थे। इस राशि से देना और पीएनबी बैंक के लोन की किश्त जमा की जा रही थी।