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सड़कों पर मवेशियों के दंगल से राहगीरों पर मंडरा रहा खतरा

शहर में मुख्यमार्ग से लेकर बाजार और गलियों में मवेशियों को डेरा जमाकर बैठे देखा जा सकता है।
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बिलासपुर

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Anil Kumar Srivas

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Updated: 4 Aug 2018, 5:27 PM IST

maveshi

सड़कों पर मवेशियों के दंगल से राहगीरों पर मंडरा रहा खतरा

बिलासपुर. सड़कों पर डेरा जमाए और दंगल कर रहे आवारा मवेशी मौत का सबब बन गए हैं। दो दिन पूर्व कोटा रोड पर गाय से टकराने से एक मौत हो गई। निगम का अमला रोजाना धरपकड़ भी कर रहा है। इसके बाद भी सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा लगा हुआ है। बारिश शुरू होते ही शहर की सड़कों पर फिर आवारा मवेशियों के जमवाड़े और दंगल से मौत का खतरा मंडराने लगा है। दो दिन पूर्व कोटा से जन्मदिन मनाकर लौट रहे बाइक सवार दयालबंद निवासी मधुसूदन द्विवेदी 19 साल की सड़क पर बैठे गायों से टकराने से मौत हो गई और उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। इसी तरह कोनी रोड पर हाल ही में बाइक सवार युवक मवेशियों से टकराकर घायल हो गया। मवेशी सरेबाजार आपस में दंगल भी कर रहे हैं, जिसके चलते गोलबाजार और शनिचरी समेत मुख्यमार्ग पर कई बार अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो रही है और लोग घायल भी हो रहे हैं।

यहां लगा रहता है मवेशियों का जमावाड़ा : शहर में मुख्यमार्ग से लेकर बाजार और गलियों में मवेशियों को डेरा जमाकर बैठे देखा जा सकता है। सदरबाजार, गोलबाजार, बृहस्पति, शनिचरी, बुधवारी, सरकंडा सीपत चौक, सीपत रोड, राजमार्ग पर जरहाभाठा राजीव गांधी चौक, मंदिर चौक, देवकीनंदन चौक समेत अन्य जगहों पर मवेशी सड़क पर डेरा जमाकर बैठे रहते हैं।
यहां रेसिंग मैदान की तर्ज पर चलना पड़ता है वाहन : तोरवा -छठघाट पुल और हेमूनगर ओव्हर ब्रिज में तो पूरे सड़क पर मवेशियों के कई झुंड सुबह से लेकर रात तक बैठे देखे जा सकते हैं। इसके चलते कई बार जाम की स्थिति भी निर्मित होती है। मवेशियों के झुंड को देखते हुए वाहन चालक रेसिंग मैदान की तरह बाइक और जीप, कार को कटिंग कर आवागमन करते हैं।
निगम अमला लगातार कर रहा कार्रवाई : निगम प्रशासन के अतिक्रमण निवारण अमले द्वारा लगातार मवेशियों की धरपकड़ की जा रही है, इसके बाद भी सड़कों से मवेशियों की तादात कम नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री के आगमन के मद्देनजर 30 और 31 जुलाई को अभियान चलाकर शहर के मुख्यमार्गो से डेढ़ सौ मवेशियों को पकड़कर बिलासा डेयरी में छोड़ा गया। वहीं 1 अगस्त से 3 अगस्त तक शहर के विभिन्न इलाकों से 75 गायों को पकड़कर गौशाला में छोड़ा गया है जिसमें बैल और सांड भी शामिल है।

रात के समय सर्वाधिक खतरा : मवेशियों से हादसे का सर्वाधिक खतरा रात को होता है, शहर के ज्यादातर इलाके की स्ट्रीट लाइटें ठप पड़ी हंै। सड़क पर मवेशियों का डेरा लगा है जिससे लोगों के मवेशियों से टकराकर हादसे का शिकार होने का खतरा और भी बढ़ जाता है।
मवेशियों को भेजा गया है गौशाला : निगम आयुक्त के निर्देशानुसार लगातार शहर की सड़कों से आवारा मवेशियों की धरपकड़ की गई है, चार दिन में उपलब्ध अमले और संसाधन से करीब 200 मवेशियों को पकड़कर बिलासा डेयरी और गौशाला में भेजा गया है।
प्रमिल शर्मा, अतिक्रमण निवारण अधिकारी नगर निगम