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बिलासपुर में गणेशोत्सव को लेकर सख्ती, 24 सितंबर तक करना होगा विसर्जन, जानें क्या-कुछ बदला?

Ganesh Utsav: 27 गणेशोत्सव समितियों के आयोजकों की बैठक लेकर पुलिस ने सड़क घेरकर पंडाल नहीं बनाने, हर पंडाल में CCTV और वालंटियर रखने समेत कई जरूरी निर्देश दिए हैं।
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Indore ganeshotsav is over 300 years old

Indore ganeshotsav is over 300 years old (Photo AI Image)

Ganesh Utsav 2026: बिलासपुर जिले में गणेश उत्सव के दौरान शहर की कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। मूर्ति आगमन से लेकर विसर्जन तक किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस ने आयोजन समितियों को नियमों का पालन करने के कड़े निर्देश दिए हैं। गुरुवार को पुलिस लाइन स्थित चेतना भवन में हुई बैठक में 27 गणेशोत्सव समितियों के अध्यक्षों और आयोजकों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए।

किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो, इसकी जिम्मेदारी आयोजन समितियों की भी होगी। बैठक में एएसपी सिटी पंकज पटेल, सीएसपी सिविल लाइन परमेश्वर तिलकवार, प्रशिक्षु एएसपी एवं थाना प्रभारी सिरगिट्टी आकाश चौधरी, थाना प्रभारी सिविल लाइन किशोर केवट, तारबाहर थाना प्रभारी रविशंकर तिवारी, तोरवा थाना प्रभारी रजनीश सिंह और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी देवेश राठौर मौजूद रहे।

सड़क घेरकर नहीं बनाना है पंडाल

पुलिस ने समितियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि गणेश प्रतिमा स्थापित करने के लिए पंडाल सड़क पर न बनाया जाए, ताकि यातायात बाधित न हो। पंडाल ऐसे स्थान पर लगाने को कहा गया है, जहां आवश्यकता पड़ने पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस आसानी से पहुंच सकें। बिजली कनेक्शन और वायरिंग को भी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि करंट लगने अथवा शॉर्ट सर्किट से दुर्घटना की आशंका न रहे।

नशेबाज और हथियार लेकर घूमने वालों की पंडाल में नो एंट्री

आयोजन समितियों को अपने-अपने पंडाल में पर्याप्त संख्या में वालंटियर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने साफ कहा कि हथियार लेकर आने वाले और नशे की हालत में पहुंचने वाले लोगों को पंडाल में प्रवेश न दिया जाए। धार्मिक आयोजन के दौरान केवल धार्मिक गीत और भजन बजाने की अनुमति होगी। अश्लील या आपत्तिजनक गाने बजाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। आयोजकों को ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए भी कहा गया है।

हर पंडाल में सीसीटीवी, विसर्जन की भी तय समय सीमा

पुलिस ने सभी समितियों को पंडाल में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में निगरानी और जांच में मदद मिल सके। आयोजकों को गणेश प्रतिमा स्थापना के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी (राजस्व), बिलासपुर से अनुमति लेना भी अनिवार्य बताया गया है।

विसर्जन को लेकर भी पुलिस ने समय सीमा तय की है। समितियों को 24 सितंबर तक गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करने के निर्देश दिए गए हैं। विसर्जन के दौरान सभी समितियों को आपस में समन्वय बनाकर निर्धारित स्थल पर ही प्रतिमा विसर्जित करने को कहा गया है।

पीओपी की 24 गणेश प्रतिमाएं जब्त

गणेशोत्सव से पहले नगर निगम और पर्यावरण विभाग ने शहर में मूर्ति विक्रय के लिए लगी दुकानों की जांच शुरू कर दी है। पर्यावरण और जल स्रोतों के लिए हानिकारक प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से निर्मित मूर्तियों के खिलाफ चलाए गए संयुक्त निरीक्षण अभियान में दो दुकानों से 24 छोटी गणेश प्रतिमाएं जब्त की गईं।

निगम कमिश्नर प्रकाश सर्वे के निर्देश पर इमलीपारा, पुराना बस स्टैंड, बृहस्पति बाजार, मुंगेली नाका, सुभाष चौक, देवकीनंदन चौक और दयालबंद क्षेत्र में मूर्ति दुकानों का निरीक्षण किया गया। मुंगेली नाका और बृहस्पति बाजार की दो दुकानों में पीओपी से निर्मित 24 प्रतिमाएं मिलीं। अधिकारियों ने इन्हें जब्त कर लिया।

निगम ने स्पष्ट किया कि प्रतिमा निर्माण में पीओपी, प्लास्टिक और रासायनिक रंगों के इस्तेमाल से विसर्जन के दौरान जल स्रोतों में प्रदूषण बढ़ सकता है। इसलिए ऐसी प्रतिमाएं न बनने और न बिकने देने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम ने 18 अगस्त को शहर के मूर्तिकारों की बैठक लेकर प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग नहीं करने के निर्देश दिए थे। निगम ने पर्यावरण अनुकूल मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से प्रतिमा निर्माण की अपील करते हुए ‘आस्था भी, संस्कृति भी और पर्यावरण संरक्षण भी’ का संदेश दिया था।