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रायपुर में पीलिया पीडि़तों की शिफ्टिंग पर हाईकोर्ट ने लगाया रोक, कल होगी सुनवाई

क्षेत्र में कैम्प लगाकर लिए गए रक्त सैंपलों की जांच के बाद 104 मरीज पीलियाग्रस्त पाए गए हैं।
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बिलासपुर

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Anil Kumar Srivas

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Updated: 2 May 2018, 6:54 PM IST

highcourt

बिलासपुर . राजधानी में पीलिया से हो रही मौतों पर हाईकोर्ट ने मंगलवार को 48 घंटे के अंदर मोवा नहरपारा क्षेत्र के निवासियों को स्वस्थ शिविर में शिफ्ट करने का आदेश दिया था। बुधवार को हाईकोर्ट ने रोक लगाते हुए इसकी सुनवाई गुरुवार करने का आदेश जारी किया है। जानकारी के अनुसार रायपुर के मोवा स्थित नहरपारा में 6 लोगों की मौत हो चुकी है और 104 लोग पीलिया से बुरी तरह प्रभावित हैं। कोर्ट ने नगर निगम को अपने खर्चे से इन क्षेत्र के रहवासियों को अस्थायी कैंपों में शिफ्ट करने और इनके खाने-पीने का पुख्ता इंतजाम 48 घंटे में करने को कहा था। साथ ही न्यायमित्रों को नियुक्त कर जल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने के संबंध में सुझाव देने के निर्देश दिए थे। राजधानी में अब तक पीलिया से 6 लोगों की जान जा चुकी है, जिसमें ज्यादातर मृतक मोवा क्षेत्र से ही हैं। वहीं, इस क्षेत्र में कैम्प लगाकर लिए गए रक्त सैंपलों की जांच के बाद 104 मरीज पीलियाग्रस्त पाए गए हैं।
पानी में इ-कोलाइ और बैक्टीरिया : प्रभावित क्षेत्रों में निगम की ओर से सप्लाइ किए जाने वाले पानी में इ-कोलाइ के साथ बैक्टीरिया की भी मौजूदगी देखने को मिली है। पर्यावरण संरक्षण मंडल ने भी पानी की जांच रिपोर्ट में बैक्टीरिया की पुष्टि की थी। वहीं, जोन-2 आयुक्त का कहना है कि संक्रमण फैलने के बाद से अब तक इन क्षेत्रों में 55 पाइप लाइनों को ऊपर करने सहित 25 मीटर लाइनों को नालियों से दूर किया गया है।
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2014 में गई थी 43 लोगों की जान : राजधानी में यह आपदा नई नहीं है। 2014 में भी डीडी नगर समेत शहर के कुछ इलाकों में पीलिया का संक्रमण फैला था। उस दौरान 43 लोगों की जान चली गई थी, साथ ही सैकड़ों लोग इससे प्रभावित हुए थे। इस दौरान भी नगर-निगम द्वारा पानी की सप्लाइ में ही खामियां देखने को मिली थी। जिस पर मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया था।
लगभग 200 परिवार प्रभावित : इस आदेश के बाद नहरपारा कांपा की बड़ी आबादी को शिफ्ट करना होगा। इस क्षेत्र के लगभग 200 परिवारों को शिफ्ट किया जाएगा। लगभग 1500 लोगों के रहने-खाने का इंतजाम नगर निगम के जिम्मे होगा। इस क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले 37 दिनों से लगातार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस क्षेत्र में अब तक 8000 क्लोरीन की गोलियों के साथ लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है।

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