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साढ़े 3 वर्षों में 950 फीसद बढ़ गए साइबर ठगी के मामले, बिलासपुर में सबसे ज्यादा ठगी

2018 में सिर्फ 37 मामले थे जो 2021 में जुलाई तक ***** पहुंच गए, इस तरह से करीब हजार फीसद बढ़ी साइबर ठगी
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बिलासपुर

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Barun Shrivastava

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Updated: 24 Sep 2021, 11:15 AM IST

साढ़े 3 वर्षों में 950 फीसद बढ़ गए साइबर ठगी के मामले, बिलासपुर में सबसे ज्यादा ठगी

साढ़े 3 वर्षों में 950 फीसद बढ़ गए साइबर ठगी के मामले, बिलासपुर में सबसे ज्यादा ठगी

बरुण सखाजी. बिलासपुर

साल 2018 से 2021 जुलाई तक प्रदेशभर में साइबर ठगी के ***** मामले सामने आए हैं, लेकिन इनसे निपटने के लिए किए गए उपाय नाकाफी हैं। विधानसभा में एक सवाल के जवाब में सरकार ने बताया 2018 में जहां महज 37 मामले दर्ज किए गए थे वहीं 2021 जुलाई तक आते-आते इनकी संख्या ***** का आंकड़ा पार कर गई। इतना ही नहीं नगरीय क्षेत्रों में सबसे ज्यादा ठगी के मामले आए हैं। इनमें सबसे ज्यादा बिलासपुर जिले में 206 साइबर ठगियां थानों तक पहुंची हैं, जबकि प्रदेश में दूसरे नंबर पर सरगुजा है, जहां 120 ठगियां हुई हैं। तीसरे नंबर पर कांकेर है, जहां 33 ठगियां हुई हैं। इन सबके बीच अच्छी बात ये है कि सुकमा और बीजापुर ऐसे जिले हैं जहां एक भी साइबर ठगी दर्ज नहीं हुई है। साइबर ठगी में बेतहाशा वृद्धि के बावजूद इन्हें क्रेक करने की दर 10 फीसदी से भी कम है। यानी ***** मामलों में से 70-80 मामले भी ऐसे नहीं हैं जिनमें ठगी के पैसे वापस मिल गए हों।

2018 से 2019 में बढ़े 700 फीसद मामले

साइबर ठगी का आलम ये है कि राज्य में 2018 में जहां महज 37 साइबर ठगी दर्ज की गई थी तो वहीं 2019 में इनकी संख्या 700 फीसदी बढ़कर 256 तक पहुंच गई। जबकि साल 2020 में जब लगभग पूरे साल लॉकडाउन रहा तो इन मामलों में और वृद्धि होकर 347 तक पहुंच गई, जो 2018 के मुकाबले लगभग 950 फीसद अधिक है। जुलाई 2021 तक की स्थिति में इस वर्ष प्रदेशभर में 146 मामले सामने आए हैं।

बिलासपुर में सबसे ज्यादा साइबर ठगी

प्रदेशभर की कुल ठगी के लगभग 25 फीसद मामले सिर्फ बिलासपुर जिले में आए हैं। बिलासपुर में कुल 206 मामले इन साढ़े 3 सालों में दर्ज हुए हैं। जबकि 120 मामलों के साथ सरगुजा दूसरे नंबर पर है।

सुकमा, बीजापुर सुरक्षित

प्रदेशभर में हो रही बेजा साइबर ठगी से फिलहाल तक बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिले अछूते हैं। यहां पर 2018 से 2021 जुलाई तक शून्य मामले दर्ज हुए हैं।

सरकार ने ये बनाई व्यवस्था, लेकिन बेअसर

सरकार ने अक्टूबर 2020 से राज्य स्तर पर राज्य साइबर पुलिस स्टेशन की स्थापना की है। पुलिस मुख्यालय में साइबर फॉरेंसिक लैब बनाई गई है। क्षेत्रीय साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर यानी आर4सी भी बनाया गया है। देशभर की हेल्पलाइन 155260 स्थापित की गई है। थानों में इंस्पेक्टर स्तर के अफसर जांच करते हैं।

वर्जन

साइबर के मामले बढ़े दिखना लोगों में जागरूकता बढऩे की निशानी है। पुलिस पूरी तत्परता से मामले दर्ज कर रही है। हमारे थाने हर मामले को रिकॉर्ड में ले रहे हैं और विवेचना कर रहे हैं। कई मामलों में सफलता भी मिल रही है।

- रतनलाल दांगी, आईजी, बिलासपुर पुलिस रेंज

पत्रिका और बिलासपुर पुलिस करेगी पहल

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पत्रिका की पहल


बिलासपुर पुलिस के साथ मिलकर पत्रिका बिलासपुर साइबर ठगी रोकने के लिए नई पहल करने जा रहा है। इसके तहत हम आपको साइबर ठगी की स्पेशल केस स्टडी के वीडियो और खबरें देंगे। पुलिस के विवेचना अफसर किसी ठगी की कहानी, कहां हुई चूक और क्या किया पुलिस ने आदि बताएंगे। इन वीडियो को आप बिलासपुर पत्रिका के फेसबुक पेज और पत्रिका डिजीटल पर देख सकते हैं। साथ ही खबर पत्रिका बिलासपुर में देख सकते हैं। इस पेज को लाइक, शेयर करें और देखें असीमित वीडियो व खबरें। https://www.facebook.com/patrikabsp