
बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर 21 किलो गांजा जब्त (photo source- Patrika)
Ganja Smuggling: बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर गांजा तस्करी के खिलाफ जीआरपी और आरपीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त टीम ने स्टेशन परिसर से एक महिला और पुरुष को गांजे की बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों के पास मौजूद दो बैग की तलाशी लेने पर 21.058 किलो गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है।
जीआरपी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4-5 के हावड़ा छोर स्थित ओवरब्रिज के नीचे एक महिला और पुरुष संदिग्ध हालत में गांजे की खेप लेकर मौजूद हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। टीम ने संदिग्ध महिला और पुरुष को पकड़ लिया। इसके बाद दोनों के पास मौजूद बैगों की तलाशी ली गई।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास एक काले रंग का बैग और एक लाल रंग का ट्रॉली बैग था। दोनों बैग की जांच करने पर गांजे के कुल 10 पैकेट मिले। पुलिस ने गांजे को जब्त कर इलेक्ट्रॉनिक तराजू से उसका वजन कराया। तौल करने पर कुल 21.058 किलो गांजा बरामद हुआ। इसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों की पहचान संगीता मिश्रा उम्र 43 वर्ष और सुशील मिश्रा उम्र 45 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने दोनों से गांजे की खेप के संबंध में पूछताछ की। शुरुआती जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी ट्रेन के जरिए गांजा लेकर बिलासपुर पहुंचे थे।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से गांजे की खेप लेकर बिलासपुर पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे बिलासपुर में किसे सप्लाई किया जाना था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। पुलिस आरोपियों के संपर्क में रहने वाले लोगों और गांजे की सप्लाई से जुड़े अन्य संभावित लोगों की जानकारी जुटा रही है।
गांजा बरामद होने के बाद जीआरपी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज किया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विष्णु प्रसाद यादव सहित जीआरपी और रेल सुरक्षा बल बिलासपुर की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रेल पुलिस की ओर से कहा गया है कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों के जरिए गांजा समेत अन्य मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया जा रहा है।
पुलिस अब इस मामले की आगे की जांच में जुटी है। खास तौर पर गांजे की सप्लाई के स्रोत और बिलासपुर में इसकी डिलीवरी लेने वाले संभावित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। इससे आने वाले समय में तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
Updated on:
21 Aug 2026 11:34 am
Published on:
21 Aug 2026 11:34 am
