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टॉपिक ऑफ द डे – अपने अधिकारों की तरह ही दूसरों के अधिकारों की करे रक्षा तभी होगा बदलाव-विद्या गोवर्धन

परिवार परामर्श समिति की सदस्य व समाज सेविका विद्या गोवर्धन ने की चर्चा
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बिलासपुर

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Anil Kumar Srivas

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Updated: 27 Feb 2018, 1:18 PM IST

TOTD

बिलासपुर . जिस तरह से व्यक्ति अपने अधिकारों व कर्तव्यों की रक्षा करता है। उसी तरह उसे दूसरे के अधिकारों व कर्तव्यों की रक्षा करनी चाहिए। जिस तरह हम अपने लिए अधिकार व कर्तव्य को महत्व देते है उसी तरह हर एक व्यक्ति के अधिकार व कर्तव्य होते है। जिसकी रक्षा करने से ही समाज में समस्याओं का समाधान हो जाएगा। अपराध अधिकारों व कर्तव्यों का हनन करने पर ही होते है। इसलिए समाज में बदलाव लाना है शिक्षा का सही इस्तेमाल कर समाज के विकास में सहयोग करे। यह बातें मंगलवार को परिवार परामर्श समिति की सदस्य व भगिनी मंडल की अध्यक्ष विद्या गोवर्धन ने पत्रिका टॉपिक ऑफ द डे के दौरान चर्चा करते हुए पत्रिका कार्यालय में कही।

टॉपिक ऑफ द डे में लोगों से अपने कर्तव्यों व अधिकारों की रक्षा करने कहा

समाज सेवा के क्षेत्र में 20 संस्थाओं से जुडकऱ लगातार 40 वर्ष से समाज सेवा का कार्य कर रही है। इसके साथ ही यातायात, परामर्शदात्री व समाज सेवा के कार्यों को करती है। उन्होंने परिवार परामर्श के विषय में बताया कि 1995 में जब परिवार परामर्श केन्द्र की स्थापना की गई तब 11 सदस्य थे उसमें से उन्हें भी एक सदस्य बनने का अवसर मिला। वह तब से इस क्षेत्र में कार्य कर रही है। परिवार के झगड़े जब थाने में आते है तब बहुत ज्यादा समस्या होती है। समाज में सिर्फ महिला-पुरुष ही इससे प्रभावित नहीं होते है बल्कि पूरा परिवार बच्चे, उनसे जुड़ा हर एक व्यक्ति प्रभावित होता है। परामर्श के माध्यम से परिवार टूटने से बचाने का प्रयास किया जाता है। परिवार को टूटने से बचाना है तो शिक्षा का सही इस्तेमाल कर आपसी सामंजस्य व तालमेल के साथ जीवन जीना होगा। तभी समाज में बढ़ रहे अपराध कम होंगे।

0 अपने लिए करे कर्तव्यों का पालन
लोग जो भी आज करते है वह किसी न किसी के डर से ही करते है। चाहे वह हेलमेट पहनना हो या यातायात के नियमों का उल्लंघन करने की घटनाएं बहुत हो रही है। यातायात के नियम का पालन यदि लोग करते भी है तो वे पुलिस के डर से करते है। जबकि लोगों को डर के बजाए अपने लिए नियमों का पालन करना चाहिए। जो व्यक्ति यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए। क्योंकि हम दूसरों से डरने के बजाए खुद के लिए करे तो बेहतर होगा। यह सोच हर किसी को रखकर कार्य करना चाहिए।

0 थाने खुलने से नहीं जागरूकता से होगें अपराध कम
अपराध बहुत ज्यादा बढ़ रहा है इसे रोकने के लिए थाने बढ़ रहे है लेकिन इसके बावजूद बहुत ज्यादा समस्या हो रही है। अपराध तब तक कम नहीं होंगे जब तक लोग खुद जागरूक नहीं होंगे। जब जागरूकता आएगी तभी समाज से अपराध कम होंगे। इसलिए शिक्षा का सही इस्तेमाल कर समाज में बदलाव लाने का प्रयास हर किसी को करना होगा।