
कृति सेनन का रक्षाबंधन ऐड विवाद पर ब्रांड का पोस्ट (Photo Source- Twitter/@Jeredwiliam)
Kriti Sanon Raksha Bandhan Ad removed: बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन में इंडो-वेस्टर्न पहनावे और पालतू कुत्ते को राखी बांधने के सीन ने देश में बवाल मचा दिया था। सोशल मीडिया यूजर्स से लेकर इंडस्ट्री की कई हस्तियां आमने- सामने आ गई थीं। किसी ने कृति के कपड़ों पर सवाल उठाए तो किसी ने उन्हें सपोर्ट किया था। लेकिन फिर भी आलोचना कम होने का नाम नहीं ले रही थीं। अब ऐसे में ज्वैलरी ब्रांड GIVA ने बड़ा कदम उठाते हुए बताया है कि ऐड को सभी प्लेटफॉर्म से डिलीट कर दिया गया है।
बुधवार 26 अगस्त यानी आज GIVA ब्रांड ने एक ऑफिशियल बयान जारी किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही रक्षाबंधन ऐड को लेकर लिखा, "हम भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों के लिए सर्वोच्च आदर और गहरा सम्मान रखते हैं।"
ब्रांड ने आगे कहा कि वह हमेशा से पूरे परिवार के साथ खुशी के पलों को मनाने में विश्वास रखता आया है और इस बार वह इस प्यार और उत्सव को पालतू जानवरों तक भी पहुंचाना चाहता है, जिसके लिए विज्ञापन में कुत्ते को शामिल किया गया था।
इसके अलावा, ब्रांड ने लिखा, "यदि हमारे हालिया विज्ञापन से अनजाने में समाज के कुछ वर्गों की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो ऐसा हमारा बिल्कुल भी इरादा नहीं था। सम्मान के तौर पर, हमने विज्ञापन को सभी मीडिया से हटा लिया है।"
यह घटना कृति सेनन द्वारा आलोचना का जवाब देने और अपने पहनावे के चुनाव का बचाव करने के एक दिन बाद सामने आई। कृति ने मंगलवार को एक पोस्ट किया था। उन्होंने, "त्योहारों का सार आपके पहनावे में नहीं, बल्कि उन भावनाओं और परंपराओं के प्रति आपके लगाव में होता है। रक्षाबंधन सुरक्षा का बंधन है।"
कृति ने यह भी बताया था कि वह और उनकी बहन नूपुर सेनन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं, क्योंकि उनका मानना है कि वह एक-दूसरे की रक्षा उसी तरह कर सकती हैं जैसे एक भाई करता है। साथ ही वह एक-दूसरे के स्वास्थ्य, खुशी और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं। कृति ने सवाल उठाया कि महिलाओं को यह क्यों बताया जाता रहता है कि उन्हें क्या पहनना चाहिए और इस बात पर जोर दिया कि जातीय फैशन विकसित हो चुका है।
कृति के बयान और ब्रांड की सफाई के बाद भी सोशल मीडिया पर बहस जारी है। कुछ लोगों ने कृति के पहनावे को आधुनिक और सशक्त बताया, जबकि कुछ ने त्योहार की परंपरा के साथ उसे अनुपयुक्त ठहराया। ब्रांड के विज्ञापन हटाने के फैसले को भी दो तरह से देखा जा रहा है। कुछ लोगों ने इसे सम्मानजनक कदम बताया, तो कुछ ने इसे आलोचना के आगे झुकना करार दिया। फिलहाल यह विवाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
Updated on:
26 Aug 2026 11:16 am
Published on:
26 Aug 2026 10:55 am
