
Manoj Muntshir on AR Rahman Communal Bias Statement (सोर्स इंस्टाग्राम- @manojmuntashir )
Manoj Muntshir on AR Rahman Communal Bias Statement: बॉलीवुड फिल्ममेकर और कवि मनोज मुंतशिर ने दिग्गज संगीतकार एआर रहमान के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मनोज ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सांप्रदायिक भेदभाव के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यहां किसी कलाकार की पहचान उसके धर्म से नहीं, बल्कि उसके काम से तय होती है।
न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में मनोज मुंतशिर ने कहा कि ये कहना गलत है कि बॉलीवुड में किसी खास समुदाय के खिलाफ भेदभाव होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान शामिल हैं, जिन्हें देश और दुनिया भर में अपार लोकप्रियता मिली है। मनोज ने कहा कि सिर्फ अभिनय ही नहीं, बल्कि लेखन और संगीत की दुनिया में भी कई मुस्लिम कलाकारों ने ऐतिहासिक योगदान दिया है। उन्होंने जावेद अख्तर, साहिर लुधियानवी और मजरूह सुल्तानपुरी जैसे नामों का जिक्र करते हुए कहा कि इन कलाकारों को उनके टैलेंट के आधार पर सम्मान मिला है, न कि किसी पहचान के कारण।
मनोज मुंतशिर ने अपने दावे को मजबूत करते हुए कहा कि किसी भी हिंदी फिल्म के शुरुआती या आखिरी क्रेडिट्स को देखा जाए तो वहां करीब 200 से 250 लोगों के नाम होते हैं। इन नामों में हर धर्म, समुदाय और पृष्ठभूमि के लोग शामिल होते हैं। उनके अनुसार, यह खुद इस बात का सबूत है कि फिल्म इंडस्ट्री एक समावेशी इकोसिस्टम है।
मनोज मुंतशिर ने एआर रहमान के योगदान की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि देश को रहमान जैसे कलाकार पर गर्व है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि उनकी हर बात से सहमति जताई जाए। मनोज ने विशेष रूप से उस बयान पर सवाल उठाया जिसमें पिछले आठ वर्षों को भेदभाव के संदर्भ में देखा गया था। उनका कहना था कि इसी अवधि में ‘पठान’ और ‘जवान’ जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़े हैं, जिससे यह साफ होता है कि दर्शक सिर्फ अच्छे कंटेंट और परफॉर्मेंस को महत्व देते हैं।
दरअसल, एआर रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि बीते कुछ वर्षों में फिल्म इंडस्ट्री में फैसले ऐसे लोगों के हाथ में चले गए हैं जो रचनात्मक नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि कभी-कभी परोक्ष रूप से सांप्रदायिक सोच की बातें सुनने को मिलती हैं, हालांकि उनके सामने किसी ने सीधे ऐसा नहीं कहा।
एआर रहमान के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और फिल्म जगत में तीखी बहस शुरू हो गई। कई कलाकार रहमान के समर्थन में सामने आए, जबकि कुछ ने मनोज मुंतशिर की तरह उनके दावों से असहमति जताई है। यह विवाद अब भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में समानता और अवसरों को लेकर एक बड़ी चर्चा का विषय बन गया है।
Updated on:
22 Jan 2026, 1:52 PM IST
Published on:
22 Jan 2026, 1:49 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.