
Mirzapur The Movie Review (फोटो सोर्स- IMDb)
Mirzapur The Movie Review: अमेजन प्राइम वीडियो की चर्चित वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ ने ओटीटी पर अपनी अलग पहचान बनाई थी। अब इसी कहानी के किरदार और उसका वही देसी अंदाज बड़े पर्दे पर नजर आ रहा है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ के शुरुआती शो शुरू होते ही फिल्म का पहला रिव्यू भी सामने आ गई है। मशहूर ट्रेड एनालिस्ट और फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने फिल्म को लेकर बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और इसे चार स्टार दिए हैं।
तरण आदर्श के मुताबिक फिल्म दर्शकों को शुरुआत से ही अपने साथ जोड़ने में कामयाब होती है। उनका मानना है कि ये सिर्फ वेब सीरीज के किसी लंबे एपिसोड जैसा अनुभव नहीं देती, बल्कि सिनेमाघरों के लिए कहानी को ज्यादा बड़े स्तर पर पेश किया गया है।
फिल्म में ‘मिर्जापुर’ की पुरानी पहचान यानी हिंसा, बदला, दबदबा, रिश्तों की उलझन और जबरदस्त संवादों का रंग बरकरार रखा गया है। फर्क इतना है कि बड़े पर्दे पर इन चीजों को ज्यादा भव्य और सिनेमाई तरीके से दिखाने की कोशिश की गई है। इसी वजह से शुरुआती समीक्षा में इसे एक मजबूत मास एंटरटेनर माना गया है।
‘मिर्जापुर’ की सबसे बड़ी ताकत हमेशा उसके किरदार रहे हैं और फिल्म की समीक्षा में भी कलाकारों को खूब सराहा गया है। पंकज त्रिपाठी एक बार फिर कालीन भैया के रूप में अपनी पकड़ दिखाते हैं। उनके अभिनय में किरदार का रौब, ठहराव और खतरनाक अंदाज देखने को मिलता है।
वहीं दिव्येंदु की वापसी ने पहले से ही दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा रखी थी। मुन्ना त्रिपाठी के किरदार में उनका पुराना तेवर फिल्म के आकर्षण का बड़ा हिस्सा बताया जा रहा है। अली फजल भी गुड्डू पंडित के रूप में प्रभाव छोड़ते हैं।
रवि किशन, जितेंद्र कुमार, अभिषेक बनर्जी, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, मोहित मलिक और सुशांत सिंह समेत बाकी कलाकारों के काम की भी तारीफ की गई है। रसिका दुग्गल का किरदार भी कहानी में एक दिलचस्प मोड़ लेकर आता है।
फिल्म की समीक्षा में एक्शन को भी इसकी खासियत बताया गया है। बड़े पर्दे पर ‘मिर्जापुर’ की दुनिया को ज्यादा विशाल बनाने के लिए मारधाड़ और टकराव वाले दृश्यों को बड़े पैमाने पर फिल्माया गया है।
निर्देशक गुरमीत सिंह ने कहानी में ड्रामा, एक्शन, हास्य और भावनात्मक हिस्सों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है। बैकग्राउंड स्कोर की भी खास तौर पर प्रशंसा हुई है। हालांकि फिल्म में गानों की गुंजाइश सीमित बताई गई है, लेकिन बैकग्राउंड म्यूजिक कहानी के तनाव और माहौल को मजबूत करता है।
हर फिल्म की तरह ‘मिर्जापुर द मूवी’ में भी कुछ कमियां बताई गई हैं। शुरुआती समीक्षा के मुताबिक इंटरवल के बाद कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती है और कुछ हिस्से जरूरत से ज्यादा लंबे महसूस हो सकते हैं। हालांकि क्लाइमेक्स को प्रभावी बताया गया है, जो फिल्म के अंतिम प्रभाव को काफी हद तक संभाल लेता है।
खास बात यह है कि शुरुआती समीक्षा में यह भी संकेत दिया गया है कि फिल्म देखने के लिए दर्शक का पहले से ‘मिर्जापुर’ सीरीज का प्रशंसक होना जरूरी नहीं है। यानी फिल्म नए दर्शकों को भी सिनेमाघरों तक खींच सकती है।
‘मिर्जापुर द मूवी’ को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ओटीटी पर लोकप्रिय हुई यह दुनिया सिनेमाघरों में भी वैसा ही असर पैदा कर पाएगी। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु जैसे पुराने चेहरों के साथ नए कलाकारों को भी जोड़ा गया है।
कहानी का आधार त्रिपाठी और पंडित परिवारों के बीच चलने वाली दुश्मनी और सत्ता की लड़ाई है। एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है। कहानी और स्क्रीनप्ले की जिम्मेदारी पुणीत कृष्णा से जुड़ी है।
फिल्म में पुराने किरदारों की वापसी के साथ कुछ नए चेहरे भी दिखाई देंगे। खासकर मुन्ना त्रिपाठी के रूप में दिव्येंदु की वापसी ने दर्शकों की दिलचस्पी काफी बढ़ा दी है। अब शुरुआती समीक्षा के बाद असली फैसला दर्शकों के हाथ में है कि बड़े पर्दे पर ‘मिर्जापुर’ का यह नया अध्याय उनकी उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।
Updated on:
4 Sep 2026, 11:52 AM IST
Published on:
4 Sep 2026, 11:52 AM IST
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