इस मामले में बदायूं के बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रेम चंद्र यादव ने बताया कि जांच की सूचना उनके पास सीडी के माध्यम से आयी है। उसके बाद स्थानीय स्तर पर जांच कराने पर 88 शिक्षकों के मामले फर्जी पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सूची में फेक और टेंपर्ड करके दो कैटेगरी में फर्जीवाडे के मामले को बताया गया है। टेंपर्ड में वे लोग हैं जिन्होंने मार्कशीट में छेड़छाड़ करवाई है। लेकिन दोनों को ही फर्जीवाड़े का दोषी माना गया है। उन्होंने फर्जी पाए गए 88 शिक्षकों की सूचना शासन को भेज दी है। उनका कहना है कि इन 88 लोगों को पत्र जारी किया जाएगा, उसके बाद इनकी सेवा समाप्त की जाएगी।