
दो अवैध तमंचे व कारतूस भी मिले; मुख्य आरोपी के खिलाफ 7 गंभीर मुकदमे दर्ज (फोटो सोर्स : AI)
Crime Bulandshahr: बुलंदशहर में थाना कोतवाली देहात पुलिस ने चोरी की एक बड़ी वारदात का पर्दाफाश करते हुए ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने पिछले कई महीनों से जिले में चोरी की घटनाओं से लोगों में दहशत फैला रखी थी। पुलिस ने जिस गैंग को पकड़ा है, वह न केवल पेशेवर है बल्कि कई राज्यों में सक्रिय रहा है। पुलिस टीम ने 17 नवंबर 2025 को अडोली नहर के पास से पांच चोरों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से करीब 12 लाख रुपये के सोने–चांदी के आभूषण, 3,51,300 रुपये नकद, दो अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
यह सफलता पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि 30 अक्टूबर 2025 को हुई चोरी की घटना के बाद पुलिस कई दिनों से लगातार सुराग बटोर रही थी। उस समय चोरों ने एक बंद घर से कीमती गहने और नकदी उड़ाकर पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। मामले में पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था और पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि जल्द से जल्द चोरों का पता लगाया जाए।
17 नवंबर को कोतवाली देहात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध युवक चोरी का सामान लेकर अडोली नहर के पास खड़े हैं और कहीं भागने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक की अगुवाई में टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की। पुलिस टीम को देखकर पांचों युवक भागने लगे, लेकिन घेराबंदी इतनी मजबूत थी कि पुलिस ने कुछ ही मिनटों में उन्हें पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान-
पांचों आरोपी बुलंदशहर और आस-पास के इलाकों में सक्रिय एक संगठित चोरी गैंग का हिस्सा थे।
गिरफ्तारी के बाद तलाशी लेने पर पुलिस टीम को भारी मात्रा में चोरी का सामान मिला। पुलिस के अनुसार, बरामदगी में शामिल हैं -
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच में यह भी पाया गया कि बरामद आभूषण और नकदी 30 अक्टूबर की चोरी की घटना से संबंधित हैं। पीड़ित परिवार ने बरामद सामान की पहचान भी कर ली है।
पुलिस रिकॉर्ड ने इस पूरे गिरोह की असलियत उजागर कर दी। सबसे बड़ा खुलासा यह है कि गैंग का लीडर बलजीत उर्फ बोबी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई थानों में पहले से ही वांछित है। उसके खिलाफ 7 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें चोरी,आर्म्स एक्ट, अवैध हथियार रखने, घुसपैठ तथा गैंग एक्ट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। शेष चार आरोपी-चेतन, महेंद्र, सीताराम और सोनू भी कोई नए खिलाड़ी नहीं हैं। इनके खिलाफ भी बुलंदशहर जिले में चोरी और आर्म्स एक्ट के 3–3 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, यह गैंग लंबे समय से घरों की रेकी कर चोरी की वारदातें अंजाम देता रहा है। दिन में ये लोग मजदूरी या छोटे-मोटे काम करते दिखते थे, जबकि रात में सुनसान मोहल्लों को निशाना बनाते थे।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह गैंग खाली घरों और गांवों में स्थित घरों को प्राथमिकता देता था। उनका तरीका कुछ इस प्रकार था। दिन में आसपास घूम कर घरों की स्थिति देख लेते थे। परिवार के सभी लोगों के बाहर जाने या कई दिनों तक घर में ताला लगे होने पर तुरंत योजना बनाते। गैस कटर, पेचकस, भारी रॉड या दरवाजा तोड़ने वाले उपकरण साथ रखते। चोरी के बाद कई दिनों तक दूसरे गांव या बाहर के शहरों में छिप जाते।बलजीत के महाराष्ट्र और राजस्थान में नेटवर्क होने की वजह से चोरी के माल को बाहर खपाना भी आसान हो जाता था।
अक्टूबर की चोरी के बाद इलाके के लोग लगातार डरे हुए थे। घटना इतनी बड़ी थी कि सोशल मीडिया से लेकर गांवों के चौपाल तक हर जगह इसी वारदात की चर्चा थी। पुलिस की इस सफलता के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। कई ग्रामीणों ने पुलिस का धन्यवाद भी दिया और कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत बनी रहे, इसके लिए ऐसी कार्रवाई समय-समय पर जरूरी है।
बुलंदशहर के पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह चोरी गैंग लंबे समय से जिले में सक्रिय था। टीम ने बेहद पेशेवर तरीके से जांच कर आरोपियों को पकड़ा और चोरी का सामान भी बरामद किया। आगे भी ऐसे अभियुक्तों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया है। बरामद अवैध हथियारों को भी जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिला पुलिस ने अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत 112 या नजदीकी थाने को सूचना दे। यदि कोई अनजान व्यक्ति बार-बार मोहल्ले में घूमता दिखाई दे तो सतर्क रहें। गहनों और नकदी को घर में खुले स्थान पर न रखें, सुरक्षा ताले और CCTV कैमरों का उपयोग करें।
Updated on:
18 Nov 2025 10:56 pm
Published on:
18 Nov 2025 10:55 pm
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