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लेह में हादसे का शिकार हुए फौजी का शव 10 दिन बाद पहुंचा पैतृक गांव, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार

शव के गांव में पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई।
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बुलंदशहर

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Rahul Chauhan

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Updated: 25 May 2018, 8:55 PM IST

Mratak Kuldeep

लेह में हादसे का शिकार हुए फौजी का शव 10 दिन बाद पहुंचा पैतृक गांव, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार

बुलंदशहर। शिकारपुर क्षेत्र के गांव बरौली निवासी कुलदीप पुत्र सुरेंद्र का शव गुरुवार को आला अधिकारियों ने बरामद कर लिया। बताते चलें कि कुलदीप लेह में आर्मी की पोस्ट पर तैनात था। वह रिकवरी के लिए अपने दो अन्य साथियों के साथ गया था। रिकवरी के दौरान गाड़ी अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी, जिसमें दो साथियों की मौके पर ही मौत हो गई तथा कुलदीप लापता हो गया था। जिसकी सूचना परिजनों को आज से 10 दिन पहले दी गई थी। साथ ही कुलदीप को ढूंढने के लिए हेलीकॉप्टर लगे हुए थे। कड़ी मेहनत के बाद सेना के जवानों ने नदी में एक पत्थर से अटके शव को देखा और कुलदीप के रूप में उसकी पहचान की। फिर उसके शव को सेना ने विभागीय कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया।

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जैसे ही परिजनों को कुलदीप के मरने की सूचना मिली तो पूरे गांव में कोहराम मच गया। शिकारपुर नगर में कुलदीप फौजी की शवयात्रा निकाली गई, जिसे देखने के लिए शिकारपुर क्षेत्र के आस-पास के गांव से भीषण गर्मी में लोगों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। जैसे ही फौजी कुलदीप का शव गांव में पहुंचा तो गांव की गलियों में दर्शनों के लिए पहले से ही खड़ी अपार भीड़ उनके घर की ओर दौड़ पड़ी।

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उससे पहले स्थानीय प्रशासन के लोग भी गांव पहुंच गए थे।इसके अलावा क्षेत्रीय भाजपा सांसद डॉ. भोला सिंह एवं विधायक अनिल शर्मा के पुत्र ने कुलदीप के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। फौजी कुलदीप की शव यात्रा के दौरान DJ पर भारत माता के जयकारे तथा देशभक्ति के गीतों के साथ अंतिम विदाई दी गई। सांसद भोला सिंह ने श्रद्धांजलि अर्पित की तथा बाबूगढ़ छावनी से आए सैनिकों ने फौजी कुलदीप को बंदूकों से सलामी दी। उसके बाद बहुत ही गमगीन माहौल में फौजी कुलदीप का अंतिम संस्कार किया गया।