बसें नहीं चलने से यात्री परेशान

कोटा-जयपुर वाया टोंक-नैनवां मार्ग पर पडऩे वाले स्टेट हाइवे 34 के खटकड़ से केशवरायपाटन तक के सडक़ मार्ग पर लोकल यात्री बसों का संचालन नहीं होने से दो दर्जन से भी अधिक गांवों के यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

By: pankaj joshi

Published: 03 Jul 2021, 09:18 PM IST

बसें नहीं चलने से यात्री परेशान
खटकड़-केशवरायपाटन स्टेट हाइवे 34 का मामला
केशवरायपाटन. कोटा-जयपुर वाया टोंक-नैनवां मार्ग पर पडऩे वाले स्टेट हाइवे 34 के खटकड़ से केशवरायपाटन तक के सडक़ मार्ग पर लोकल यात्री बसों का संचालन नहीं होने से दो दर्जन से भी अधिक गांवों के यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
भाजपा खटकड़ मंडल के प्रवक्ता हरिमोहन चित्तौड़ा ने बताया कि पहले इस मार्ग पर निजी बसें चलती थी, लेकिन करीब 7-8 वर्षों से निजी बस मालिकों ने कोटा-खटकड़ वाया केशवरायपाटन मार्ग पर चलने वाली बसों का संचालन बंद कर रखा है। इस मार्ग पर रोडवेज बसें भी नहीं चलती। कोटा व झालावाड़ से जयपुर व दिल्ली जाने वाली रोडवेज की द्रुतगामी बसें भी इसी मार्ग से होकर निकलती है, लेकिन बीच के गांवों में इन द्रुतगामी बसों का ठहराव नहीं होने से यात्री परेशान है। यात्रियों को मजबूरन मार्ग पर अवैध रूप से संचालित ऑटो,जीप आदि में महंगा किराया चुकाकर यात्रा करनी पड़ती है।
बसें चलाने की मांग
भाजपा खटकड़ मंडल प्रवक्ता हरिमोहन चित्तौड़ा ने यात्री बसों के लिहाज से परिवहन विहिन हो चुके कोटा-खटकड़ वाया केशवरायपाटन मुख्य सडक़ मार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज की पांच बसें चलाने की मांग की है।
जखाणा में बस स्टैण्ड, फिर भी नहीं देते यहां का टिकट
चित्तौड़ा ने कहा कि कार्यालय मुख्य प्रबंधक कोटा की ओर से कोटा जयपुर नैनवां मार्ग पर संचालित वाहन सेवाओं में जखाणा बस स्टैण्ड घोषित कर रखा है। जिसके तहत सभी चालक/परिचालक जखाणा में यात्रियों को उतारेंगे व बैठाएंगे। कोटा आगार के मुख्य प्रबंधक ने गत 9 अप्रेल को ही यह आदेश जारी कर दिया। इसके बावजूद कोटा डिपो के अतिरिक्त अन्य डिपो की बसों के चालक व परिचालक यात्रियों को जखाणा गांव का टिकट देने में आनाकानी करते हैं।
इन गांवों के यात्री परेशान
बसों के अभाव में खटकड़ केशवरायपाटन मार्ग पर पडऩे वाले लेसरदा, हालीड़ा, निमोदा, पादड़ा, बंजारों का झोपड़ा, करवाला, बरियाणी, कोड़ीजा, मायजा, छरक- वाड़ा, कान्हीहेड़ा, झुंवासा, ऐबरा, बन का खेड़ा, मंडित्या, पीपल्या, जखाणा, छावनी बोरदा का खेड़ा, बीचड़ी, देलून्दा, रिहाणा, ख्यावदा, अजेता, मायजा, रामपुरा आदि गांवों के यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है
दस वर्ष से बंद बस सेवा
सुवासा. बूंदी सुवासा लाडपुर बस सेवा करीब 10 वर्ष से बंद होने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। मजबूरन ग्रामीणों को निजी टैक्सियों में पैसा खर्च कर यात्रा करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग पर 10 साल पहले रोडवेज बस चला करती थी, लेकिन रोडवेज प्रबंधक ने घाटा बता कर सेवा बंद कर दी। डॉ परमेश्वर मीणा ने बताया कि बस सेवा फिर से चालू होनी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। रोडवेज प्रबंधक रेणु देवड़ा ने बताया कि विभाग के पास कंडक्टर और परिचालक की काफी कमी है। लंबे समय से इनकी भर्तियां नहीं हो रही है। जिसके चलते कई रुट बंद पड़े हुए हैं। नया स्टाफ आने पर बंद पड़े रुट चालू कर दिए जाएंगे।

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