
Bundi News: आने वाने समय में सब कुछ ठीक ठाक रहा तो बूंदी शहर में कोटा की तर्ज पर विकास कार्य करवाया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव बना कर स्वीकृति के लिए भेजे गए है। स्वीकृत होने के बाद कार्यों की डीपीआर जारी की जाएगी।सभापति सरोज अग्रवाल ने बताया कि गत दिनों जिला कलक्टर कार्यालय में बैठक के बाद रुडसिको से ऋण लेकर विकास कार्य करवाए जाने पर सहमति जताई गई थी। इसके बाद शहर में विकास को लेकर पार्षदों से चर्चा कर प्रस्ताव बनाए गए है, जिनकी शीघ्र ही स्वीकृति मिलने की संभावना जताई गई है।
सभापति ने बताया कि भेजे गए प्रस्तावों में 65 करोड़ से शहर की मुख्य सड़कें एवं इंटरलॉकिंग, आजाद पार्क या अन्य उपयुक्त स्थान पर बीस करोड़ की लागत से भूमिगत पार्किंगका निर्माण, पांच करोड़ से आजाद पार्क का विकास, पांच करोड़ से विभिन्न एनपी योजनाओं का आंतरिक विकास, दस करोड़ से शहर में नए हरिटेज विद्युत पोल लगाए जाएंगे एवं पुराने पोल पर आधुनिक लाइटें लगा कर बिजली भार कम किया जाएगा। इसके अलावा पांच-पांच करोड़ की लागत से डिवाइडर व शहर में प्रवेश द्वार का निर्माण करवाया जाएगा, 25 करोड़ से वाणिज्यिक केंद्रों और रेन बसेरों का विकास, तीस करोड़ा से नगर परिषद के पास वाणिज्यिक परिसर का विकास, 15-15 करोड़ से मेला मैदान विकास व शहर के अन्य पार्कों का जीर्णोद्धार, पांच करोड़ से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पांच करोड़ से नाला जीर्णोद्धार एवं नाले के शेष पैच का विकास और बीस करोड़ की लागत से नवीन आवासीय योजना व वाणिज्यिक योजना का विकास करना प्रस्तावित किया गया है।
सभापति ने बताया कि शहर में अंहिसा सर्कल, लंकागेट सर्कल का आधुनिकीकरण किया जाएगा। वहीं चौगान गेट के पास नया सर्कल विकसित किया जाएगा। वहीं चितौड़ रोड चौराहा, कॉलेज सर्कल, नैनवां रोड पर माटुंदा मोड़ चौराहा, खोजागेट पर सर्कल विकसित कर दर्शनीय बनाए जाएंगे। पूर्व में अंहिसा सर्कल के पास बुर्ज की ओर से तिराहे पर लाइटिंग कर सौन्दर्यकरण किया गया था, जो जीर्ण शीर्ण अवस्था में है, इसकों आधुनिक लाइटिंग कर वापस दर्शनीय बनाया जाएगा। शहर नागर सागर कुण्ड की साफ सफाई करवा कर इसके मध्य में फव्वारे व लाइटिंग करवाई जाएगी तथा कुण्ड में पानी की पूर्ति के लिए पास ही बोरिंग भी करवाया जाएगा।
शहर के विकास के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने की भी कवायद की गई है। सभापति ने बताया कि पार्षदों से चर्चा करने एवं आम लोगों से सुझावों के बाद दस करोड़ की लागत से विरासत का जीर्णोद्धार एवं बावड़ी, तालाब, द्वार एवं ऐतिहासिक का संरक्षण का कार्य किया जाना प्रस्तावित किया गया है। वहीं इसके अलावा इस करोड़ से पर्यटक सुविधा का विकास व बढ़ावा देना शामिल है।
Updated on:
11 Dec 2024, 10:24 AM IST
Published on:
11 Dec 2024, 10:24 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.