27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

mp election 2023: ताप्ती की नगरी में पानी की किल्लत, रोजगार का भी अभाव

बुरहानपुर और नेपानगर विधानसभा क्षेत्र की ग्राउंड रिपोर्ट में मतदाताओं ने बताई मन की बात...।

3 min read
Google source verification
burhanpur1.png

रंजीत परदेशी

शाहजहां की बेगम मुमताज से जुड़ा शहर, केले और पॉवरलूम की नगरी, धरोहरों का भंडार और कागज की देश की सबसे बड़ी मिलों में शुमार नेपानगर मिल। बुरहानपुर जिले की यह पहचान जिले के बाशिंदों के लिए कितना बड़ा सहारा बनी हुई है, इसका अहसास लेने के लिए जिले के भ्रमण पर निकला। बुरहानपुर और नेपानगर दो विधानसभा सीटों से युक्त जिले के हालात देखने की शुरुआत शहर से ही की। राजपुरा वार्ड में राजेश भगत ने कहा, सड़क और ताप्ती होने के बावजूद पानी की बड़ी समस्या है। सड़कों की दशा इतनी दयनीय है कि बाहर निकलने में हर कोई कतराता है। पीने का पानी एक दिन के अंतराल में मिल रहा है। इंदिरा कॉलोनी में गुड्डू द्विवेदी बोले, बेरोजगारी बहुत बढ़ गई है। पढ़े-लिखे युवाओं के हाथों में ही काम नहीं है। प्रतापपुरा में सुनील राउत ने कहा कि प्राचीन शहर नाम के लिए रह गया है। सारी प्राचीन धरोहरें खंडहर हो रही हैं। कुंडी भंडारा को सहेजा नहीं जा रहा। कई पर्यटक बाहर से आते हैं ताजमहल की निशानी यहां हैं। मेहमान बोलते हैं हमें ले चलो दिखाने कहां मुमताज को दफनाया था, वहां पहुंचो तो पहुंच मार्ग ही नहीं है।'

केला आधारित कोई उद्योग नहीं

बातचीत में लोगों की यह पीड़ा भी सामने आई कि कपड़ा उद्योग अब तक शहर के बाहर नहीं बसा और केला आधारित कोई उद्योग नहीं डला। जैनाबाद ग्राम के किसान शिव कुमार सिंह कुशवाहा बोले, चार साल से केले की फसल पर सीएमवी वायरस लग रहा है। इससे केले को भारी नुकसान हो रहा है। उद्योगपति सैयद फरीद ने कहा, हमारे यहां का कपड़ा देशभर में जा रहा है। सुविधाएं बढ़े तो इस उद्योग को गति मिलेगी। पॉवरलूम उद्योग को बिजली सब्सिडी का फायदा देना चाहिए।' इसके बाद हमारी बाइक शहर से 30 किमी दूर मालवीर पंचायत के हाथ बल्डी गांव जा पहुंची। यहां चबूतरे पर बैठे राजू होलकर सोलंकी से बात शुरू की, तो उन्होंने पानी की बड़ी समस्या बताई। बोले, पीने का पानी दूर हैंडपंप से लाना पड़ता है। जल जीवन मिशन में पानी नहीं मिल रहा क्योंकि बीच में डेम बनने से दूसरे गांव से जो लाइन आ रही थी, वह कट गई है।

सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं

आदिवासी बहुल नेपानगर विधानसभा क्षेत्र के मुख्यालय में सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ न मिल पाने की पीड़ा लोगों ने बयान की। बैंक में गार्ड की नौकरी करने वाले पूर्व सैनिक राजेश गोपाल ने कहा, यहां पट्टा वितरण योजना का लाभ अधिकांश को नहीं मिला। कई दशकों से पक्के मकान बने हैं, लेकिन मालिकाना हक नहीं मिला। केंद्र सरकार की हर घर शौचालय की योजना भी कारगर नहीं है। वार्ड 6 में जहां मैं रहता हूं, कई घरों में शौचालय ही नहीं है। क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय तक नहीं है। जिला मुख्यालय से 70 किमी दूर आदिवासी बाहुल क्षेत्र दाहिंदा में प्रकाश मौर्य का भी यही दु:ख था। बोले, यहां तो प्रधानमंत्री आवास योजना का ही लाभ नहीं मिल रहा। सरकारी योजनाएं कागजों पर चल रही हैं। मनरेगा में काम नहीं, इसलिए पलायन बहुत हो रहा है। महाराष्ट्र, गुजरात में लोग जा रहे हैं।

नेपा मिल फिर चलने की खुशी

लोगों की बात में नेपा मिल फिर चलने से राहत का अहसास हुआ। उनका कहना था कि मिल तो चलने लगी है, लेकिन इसकी काम करने की गति अभी नहीं बढ़ी है। स्थानीय लोग इसमें रोजगार चाहते हैं। यह तभी संभव है जब मिल को भारी मात्रा में ऑडर आने लगेंगे।

mp election 2023: कर्जदार किसान छोड़ रहे खेती, बेचने लगे अपने खेत
mp election 2023 मवेशियों ने छीन ली किसानों की रोटी, तराई में पानी का घोर संकट
mp election 2023: मुफ्त राशन के लिए भी रुपए देते हैं, आज भी चूल्हे पर बनाते हैं खाना
जावरा और आलोट विधानसभा क्षेत्र: नदी के मुहाने पर लोग प्यासे, पलायन का भी भारी दर्द
mp election 2023: सेव, सोने और साड़ी के शहर में उद्योग विकसित नहीं होने का दर्द आज भी है
mp election 2023: बस्ती को नहीं मिला अमृत, बाड़े में कारोबार के रास्ते बाधित
mp election 2023: लोगों का दर्द, किला रोड को चमकाने के लिए हमारे घर तोड़ दिए
mp election 2023 - सड़कों से चलकर महंगाई आ रही है, नौकरी और बिजली नहीं