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Crude Oil हुआ महंगा, 90 डॉलर के करीब पहुंचे भाव, जानिए देश में आज पेट्रोल-डीजल के रेट

Crude Oil Price Update: कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को तेजी आई। लेबनान पर इजरायल के हमले से 11 लोगों की मौत हुई, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव बना हुआ है। इसी बीच भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहे।
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Crude Oil Price Hike

कच्चे तेल के दामों में तेजी आई। (फोटो: AI)

Petrol Diesel Price Today 17 August 2026: कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को मामूली तेजी देखने को मिली। इससे पिछले हफ्ते दर्ज हुई बढ़त का सिलसिला जारी रहा। ऐसा इसलिए क्योंकि मिडिल ईस्ट में तनाव बना हुआ है, जिससे बाजार में क्रूड ऑयल की सप्लाई में रुकावट आने का डर है। दरअसल वीकेंड पर, इजराइल ने लेबनान पर फिर से हमले किए जिनमें हिज्बुल्लाह के एक सीनियर कमांडर समेत 11 लोग मारे गए। इस घटना के असर से सोमवार को ब्रेंट क्रूड 89 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। पिछले सप्ताह भी तेल की कीमतों में करीब 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बावजूद 17 अगस्त को भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

Crude Oil के दाम में आया उछाल

कच्चे तेल के दाम सोमवार को बढ़त के साथ खुले। ब्रेंट क्रूड के दाम उछलकर 89 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए। वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड के दाम 83 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए।

17 अगस्त को देशभर में Petrol Diesel के दाम

शहरपेट्रोल की कीमतडीजल की कीमत
नई दिल्ली₹102.12₹95.20
कोलकाता₹113.51₹99.82
मुंबई₹111.21₹97.83
चेन्नई₹107.76₹99.55
गुरुग्राम₹102.97₹95.64
नोएडा₹101.96₹95.44
बेंगलुरु₹111.68₹99.56
भुवनेश्वर₹108.97₹100.68
चंडीगढ़₹101.54₹89.47
हैदराबाद₹115.69₹103.82
जयपुर₹112.66₹97.78
लखनऊ₹101.86₹95.36
पटना₹113.37₹99.36
तिरुवनंतपुरम₹115.49₹104.40

Crude Oil की कीमत रहेगी 70 से 100 डॉलर के बीच

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, AMP के चीफ इकोनॉमिस्ट शेन ओलिवर का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की बाधा का अभी तक कोई हल नहीं निकला है, ऐसे में अनुमान है कि कच्चे तेल की कीमतें 70 से 100 डॉलर प्रति बैरल की रेंज में बनी रह सकती है। उनका मानना है कि ईरान कीमतों को 70 डॉलर से नीचे नहीं जाने देगा। वहीं, अगर कीमतें 100 डॉलर से ऊपर जाएंगी, तो अमेरिका हालात को शांत करने की कोशिश करेगा। इसके साथ ही उनका ये भी मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई स्थायी शांति समझौता नहीं होगा। मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई सामान्य स्तर से 10 से 15 फीसदी कम बनी रहेगी। साथ ही जैसे-जैसे भंडार कम होंगे, तेल की ऊंची कीमतों का सामना करना पड़ेगा।