
दिवाली सीजन में फ्लाइट के टिकट महंगे हो गए हैं। (PC: AI)
Diwali Flight Ticket: दिवाली पर घर जाने के लिए जिन्हें फ्लाइट टिकट की जरूरत है, वे इस समय महंगे किराए से परेशान हैं। त्योहार के दौरान दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से छोटे शहरों की ओर जाने वाली फ्लाइट्स में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में टिकटों के दाम भी बढ़ जाते हैं। अगर आपने अब तक टिकट बुक नहीं किया है, तो कुछ आसान तरीके अपनाकर यात्रा का खर्च कम कर सकते हैं।
इसके लिए जरूरी नहीं कि आप किसी बड़ी सेल का इंतजार करें। ट्रैवल की तारीख में थोड़ा बदलाव, दूसरे एयरपोर्ट से फ्लाइट लेना, क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स का सही इस्तेमाल और बुकिंग से पहले सभी चार्जेज की जांच करके आप अपने पैसे बचा सकते हैं।
दिवाली से ठीक पहले घर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। खासकर शुक्रवार और शनिवार को फ्लाइट्स की मांग अधिक हो सकती है। इसका असर टिकटों की कीमत पर पड़ता है। अगर ऑफिस और परिवार से जुड़ी जिम्मेदारियां अनुमति देती हैं, तो दिवाली से 2 से 3 दिन पहले यात्रा करने या त्योहार के बाद लौटने का विकल्प देख सकते हैं। शुक्रवार या शनिवार के बजाय मंगलवार या बुधवार की फ्लाइट के दाम भी चेक करें। टिकट बुक करने से पहले एक ही तारीख पर डिपेंड न रहें। फ्लाइट सर्च वेबसाइट पर अलग-अलग तारीखों का किराया देखें। कई बार सिर्फ एक दिन पहले या बाद में यात्रा करने से प्राइस में अच्छा अंतर मिल सकता है।
अक्सर पैसेंजर्स डायरेक्ट फ्लाइट ही खोजते हैं। लेकिन त्योहार के समय दूसरे एयरपोर्ट या कनेक्टिंग फ्लाइट का विकल्प सस्ता पड़ सकता है। आप जिस शहर जा रहे हैं, उसकी फ्लाइट महंगी है, तो उसके आसपास के किसी बड़े शहर तक जाने वाली फ्लाइट का किराया भी देख सकते हैं। वहां से ट्रेन, बस या टैक्सी के जरिए आगे का सफर पूरा किया जा सकता है। हालांकि, केवल फ्लाइट का किराया देखकर फैसला न करें। दूसरे एयरपोर्ट तक पहुंचने, टैक्सी, होटल और आगे की यात्रा का खर्च भी जोड़ें। इसके बाद ही तय करें कि कौन-सा विकल्प वास्तव में सस्ता है। अलग-अलग टिकट लेकर कनेक्टिंग ट्रैवल करने में सावधानी रखें। पहली फ्लाइट में देरी होने पर दूसरी एयरलाइन आपकी आगे की यात्रा की जिम्मेदारी नहीं ले सकती।
हर एयरलाइन की वेबसाइट पर अलग-अलग जाकर किराया देखने के बजाय आप Google Flights, Skyscanner और KAYAK जैसी वेबसाइट की मदद ले सकते हैं। इन पर अलग-अलग एयरलाइंस और बुकिंग प्लेटफॉर्म के किराये की तुलना करना आसान होता है। गूगल फ्लाइट्स पर अलग-अलग तारीखों का किराया और कीमतों में होने वाले बदलाव देख सकते हैं। स्काईस्केनर पर दूसरे दिनों और दूसरे शहरों के विकल्प तलाशे जा सकते हैं। KAYAK पर भी किराये की तुलना और प्राइस अलर्ट की सुविधा मिलती है। प्राइस अलर्ट लगाने से कीमत में बदलाव होने पर जानकारी मिल सकती है।
हालांकि, इन वेबसाइट पर दिखने वाला सबसे कम किराया हमेशा अंतिम कीमत नहीं होता। बुकिंग से पहले एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी किराया देखें। अगर दोनों जगह कीमत में ज्यादा अंतर नहीं है, तो सीधे एयरलाइन से टिकट लेने पर कैंसिलेशन, तारीख बदलने और रिफंड से जुड़ी प्रक्रिया आसान हो सकती है।
कई बार कम कीमत वाला टिकट बुकिंग के अंत तक महंगा हो जाता है। इसकी वजह सीट सलेक्शन, चेक-इन बैगेज, खाने और दूसरी सुविधाओं के लिए लगने वाले अलग-अलग शुल्क हो सकते हैं। इसलिए पेमेंट करने से पहले टिकट का फाइनल प्राइस जरूर देखें। अगर आप कम सामान लेकर यात्रा कर रहे हैं, तो बेसिक फेयर वाला टिकट आपके लिए बेहतर हो सकता है। लेकिन परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं या ज्यादा सामान ले जाना है, तो बैगेज शुल्क को भी हिसाब में रखें। अगर अतिरिक्त सामान ले जाना है, तो एयरपोर्ट पहुंचने के बाद शुल्क देने के बजाय पहले से ऑनलाइन बैगेज बुक करने का विकल्प जांचें। कई मामलों में इससे खर्च कम हो सकता है।
अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स या एयरलाइन माइल्स जमा हैं, तो उनका इस्तेमाल दिवाली की यात्रा का खर्च कम करने में किया जा सकता है। सबसे पहले देखें कि आपकी यात्रा की तारीख पर रिवॉर्ड पॉइंट्स से टिकट बुक करने की सुविधा उपलब्ध है या नहीं। इसके बाद तुलना करें कि पॉइंट्स से टिकट लेने में कितनी कीमत चुकानी पड़ेगी और सामान्य टिकट खरीदने पर कितना खर्च आएगा। एयरलाइन माइल्स से टिकट बुक करते समय टैक्स और दूसरे शुल्क भी लग सकते हैं। इसलिए सिर्फ माइल्स की संख्या देखकर फैसला न करें। बैंक के रिवॉर्ड पॉइंट्स को एयरलाइन के लॉयल्टी प्रोग्राम में ट्रांसफर करने से पहले भी उनकी वैल्यू जांचें। कई बार पॉइंट्स को सीधे ट्रैवल बुकिंग में इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। ध्यान रखें कि पॉइंट्स ट्रांसफर करने के बाद उन्हें वापस लेना संभव नहीं होता या प्रोसेस सीमित हो सकती है। इसलिए पहले उपलब्ध सीटों और रिडेम्पशन की शर्तों की जांच करें।
दिवाली के दौरान एयरलाइंस, ट्रैवल वेबसाइट और बैंक चुनिंदा क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या भुगतान के तरीकों पर छूट दे सकते हैं। सही ऑफर मिलने पर टिकट की कीमत कम हो सकती है। लेकिन ऑफर देखकर तुरंत बुकिंग न करें। मान लीजिए, 12,000 रुपये के टिकट पर 1,500 रुपये की छूट मिल रही है। यह फायदा तभी मिलेगा, जब आप ऑफर की सभी शर्तें पूरी करते हों। कुछ ऑफर के लिए न्यूनतम खरीदारी जरूरी होती है या वे केवल चुनिंदा रूट पर लागू होते हैं। यह भी संभव है कि किसी दूसरी वेबसाइट पर बिना किसी कूपन के टिकट सस्ता मिल जाए। इसलिए एयरलाइन की वेबसाइट और प्रमुख ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर फाइनल प्राइस की तुलना करें। सुविधा शुल्क, कैंसिलेशन चार्ज और रिफंड की शर्तों को भी ध्यान में रखें।
टिकट बुक करते समय सीट चुनने, प्राथमिकता के आधार पर बोर्डिंग, पहले से खाना बुक करने और एयरपोर्ट ट्रांसफर जैसी सुविधाओं के विकल्प दिखाई देते हैं। इन सभी को चुनने पर यात्रा का खर्च बढ़ सकता है। अगर आपकी सीट को लेकर कोई खास च्वाइस नहीं है, तो एयरलाइन की ओर से दी गई सीट स्वीकार कर सकते हैं। इसी तरह, अगर फ्लाइट में खाना खरीदना जरूरी नहीं है, तो इस खर्च से बच सकते हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह मानना सही नहीं है कि मंगलवार या किसी खास समय पर टिकट बुक करने से हमेशा सबसे सस्ता किराया मिलता है। फ्लाइट के दाम यात्रियों की मांग, उपलब्ध सीटों, रूट पर दूसरी एयरलाइंस का कंपटीशन और ट्रैवल की तारीख नजदीक आने जैसे कई कारणों पर निर्भर करते हैं। दिवाली जैसे तय त्योहार पर आखिरी समय तक टिकट बुकिंग टालना महंगा पड़ सकता है। जैसे-जैसे सस्ती सीटें भरती हैं, बाकी टिकटों का किराया बढ़ सकता है। अगर आपकी ट्रैवल डेट तय है, तो जितनी जल्दी संभव हो, किराये की तुलना शुरू कर दें। प्राइस अलर्ट का इस्तेमाल करें, लेकिन सिर्फ इस उम्मीद में बुकिंग न टालें कि आगे कीमत जरूर घटेगी।
Updated on:
26 Oct 2026, 11:57 AM IST
Published on:
26 Oct 2026, 11:57 AM IST
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