
28 अक्टूबर की कैबिनेट मीटिंग में डीए हाइक की उम्मीद है। (PC: AI)
DA Hike Latest News: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को पूरी उम्मीद थी कि सरकार दशहरे पर महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का ऐलान करेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार ने केवल नॉन-परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस की घोषणा करके औपचारिकता निभा दी, जबकि कर्मचारियों की निगाहें जिस फैसले पर टिकी थीं, उस डीए और डीआर पर एक शब्द नहीं बोला गया। 14 और 21 अक्टूबर को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठकों में भी इस मसले पर चर्चा नहीं हुई। इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मायूसी हाथ लगी।
अब कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सारी उम्मीदें 28 अक्टूबर को होने वाली अगली कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं। चूंकि 8 नवंबर को दिवाली का बड़ा त्योहार है, ऐसे में कर्मचारी यह मानकर चल रहे हैं कि सरकार ऐन त्योहार से पहले महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी करके उन्हें सौगात दे सकती है।
महंगाई भत्ते की गणना जुलाई 2025 से जून 2026 के बीच दर्ज हुई ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) की औसत खुदरा महंगाई दर के आधार पर की जाती है। मौजूदा फॉर्मूले और आंकड़ों का हिसाब-किताब लगाएं, तो इस बार 3 फीसदी की बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है। अगर कैबिनेट इस पर मुहर लगाती है, तो केंद्रीय कर्मियों का डीए 60 फीसदी से बढ़कर सीधे 63 फीसदी पर पहुंच जाएगा। इससे पहले सरकार ने अप्रैल 2026 में डीए को 58 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी किया था, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हुआ था।
ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल का कहना है कि यह नया डीए जुलाई से दिसंबर 2026 की छमाही के लिए लागू होगा। सरकारी नियमों के मुताबिक कर्मचारियों की तनख्वाह एक महीने की 15 तारीख से अगले महीने की 15 तारीख के बीच गिनी जाती है। इसलिए यदि 28 अक्टूबर की बैठक में सरकार हरी झंडी देती है, तो इसका सीधा मतलब है कि कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर यानी पूरे 4 महीने का बकाया एरियर नवंबर के वेतन के साथ एकमुश्त मिलेगा। दिवाली के तुरंत बाद हाथ में आने वाली यह मोटी रकम परिवार के बजट को बड़ा सहारा देगी।
महंगाई भत्ता सीधे कर्मचारी की बेसिक सैलरी के अनुपात में जुड़ता है। लेकिन फायदा यहीं नहीं थमता। डीए बढ़ते ही सैलरी स्लिप में शामिल ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TPTA) भी उसी अनुपात में ऊपर चढ़ जाता है। इसे एक आसान उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए लेवल-5 पर वाले किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 29,200 रुपये महीना है। अगर डीए में 3 फीसदी का इजाफा होता है, तो उनकी बेसिक सैलरी पर हर महीने 876 रुपये की सीधी बढ़ोतरी दर्ज होगी। इसके साथ ही, बड़े शहरों (हायर टीपीटीए सिटी) में मिलने वाले ट्रांसपोर्ट अलाउंस में भी करीब 108 रुपये का अतिरिक्त इजाफा होगा। यानी हर महीने कुल मिलाकर लगभग 984 रुपये का सीधा फायदा होगा और 4 महीने का एरियर जोड़ें तो यह करीब 4,000 रुपये के आसपास बैठेगा। यही फॉर्मूला पेंशनभोगियों के लिए भी लागू होता है, जहां उन्हें महंगाई राहत (DR) दी जाती है, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच उनकी घरेलू जरूरतें बिना रुकावट पूरी होती रहें।
अगर पिछले पांच वर्षों के रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो केंद्र सरकार जुलाई छमाही वाले डीए का फैसला अमूमन सितंबर के अंत से अक्टूबर के तीसरे हफ्ते के भीतर ही करती आई है।
Updated on:
24 Oct 2026, 5:05 PM IST
Published on:
24 Oct 2026, 5:05 PM IST
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