
एफडी पर ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। (PC: AI)
सितंबर 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54% हो गई, जो अगस्त में 4.85% थी। महंगाई का दबाव बढ़ने से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पिछले सप्ताह रेपो रेट बढ़ाकर 5.50% कर दिया। जानकारों का मानना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और सप्लाई में रुकावटों के कारण महंगाई आगे भी बढ़ सकती है। ऐसे में आरबीआई आगे भी रेपो रेट को बढ़ा सकता है। इसका असर बैंकों की जमा और कर्ज की ब्याज दरों पर पड़ सकता है। अगर बैंकों को ज्यादा रकम जुटाने की जरूरत महसूस होती है, तो वे FD पर ब्याज बढ़ा सकते हैं। पिछले चार साल से कम ब्याज दरों के दौर से गुजर रहे जमाकर्ताओं के लिए यह राहत की बात हो सकती है। लेकिन क्या सिर्फ संभावित बढ़ोतरी के इंतजार में एफडी में निवेश रोक देना चाहिए? आइए इसे 2 लाख रुपये के निवेश के उदाहरण से समझते हैं।
मान लीजिए आप 5 साल के लिए 2 लाख रुपये की एफडी कराते हैं और अभी आपको 6.25% सालाना ब्याज मिल रहा है। अगर बैंक ब्याज दर बढ़ाते हैं, तो मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी बढ़ेगी। नीचे दी गई टेबल में अलग-अलग ब्याज दरों पर संभावित मैच्योरिटी राशि और अतिरिक्त कमाई की जानकारी आपको मिल जाएगी।
| FD पर ब्याज दर | 5 साल बाद मैच्योरिटी राशि | 6.25% के मुकाबले अतिरिक्त रकम |
|---|---|---|
| 6.25% | ₹2,72,708 | ₹0 |
| 6.35% | ₹2,74,054 | ₹1,346 |
| 6.45% | ₹2,75,406 | ₹2,698 |
| 6.55% | ₹2,76,764 | ₹4,056 |
| 6.65% | ₹2,78,129 | ₹5,421 |
| 6.75% | ₹2,79,500 | ₹6,792 |
| 6.85% | ₹2,80,877 | ₹8,169 |
| 6.95% | ₹2,82,261 | ₹9,553 |
| 7.05% | ₹2,83,652 | ₹10,944 |
| 7.15% | ₹2,85,049 | ₹12,341 |
| 7.25% | ₹2,86,452 | ₹13,744 |
हालांकि, वास्तविक मैच्योरिटी राशि बैंक की ब्याज गणना, कंपाउंडिंग की अवधि और एफडी की शर्तों के आधार पर अलग हो सकती है। इस हिसाब से ब्याज दर में 0.30 फीसदी की बढ़ोतरी पर 2 लाख रुपये के निवेश से 5 साल में 4,056 रुपये ज्यादा मिल सकते हैं। वहीं, 0.70 फीसदी की बढ़ोतरी पर अतिरिक्त रकम 9,553 रुपये और 1 फीसदी की बढ़ोतरी पर 13,744 रुपये तक पहुंच सकती है।
बैंकबाजार के सीईओ अधिल शेट्टी के मुताबिक, महंगाई को लेकर आरबीआई का सतर्क रुख अगले एक साल में एफडी की ब्याज दरों में हल्की बढ़ोतरी की वजह बन सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह महंगाई के रुख पर निर्भर करेगा। अगर महंगाई घटने लगती है, तो बैंक जमा पर ब्याज दरों को मौजूदा स्तर के आसपास बनाए रख सकते हैं। दूसरी ओर, महंगाई लगातार बढ़ती रही तो बैंकों पर जमा दरें बढ़ाने का दबाव बन सकता है। मास्टर पोर्टफोलियो सर्विसेज के एमडी गुरमीत सिंह चावला भी मानते हैं कि अगले एक साल में एफडी की दरें कुछ बढ़ सकती हैं। हालांकि, सभी बैंक और सभी अवधि की एफडी पर एक साथ बढ़ोतरी होना जरूरी नहीं है।
यह फैसला करते समय सिर्फ ज्यादा ब्याज मिलने की संभावना नहीं, बल्कि उस दौरान पैसे के इस्तेमाल को भी देखना चाहिए। अधिल शेट्टी के मुताबिक, इंतजार करने और अभी एफडी कराने, दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं। अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो इंतजार करने वाले निवेशकों को बाद में बेहतर रिटर्न मिल सकता है। लेकिन इस दौरान अगर उनका पैसा बचत खाते में पड़ा रहता है, तो उस पर कम ब्याज मिलेगा। ऐसे में एक्सपर्ट एक बीच का रास्ता अपनाने की सलाह देते हैं।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
13 Oct 2026 06:08 pm
Published on:
13 Oct 2026 06:06 pm
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