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Gold और Silver ETF में आज 8% तक की गिरावट, आखिर क्यों आई यह बिकवाली, जानें एक्सपर्ट्स की राय

Gold Silver ETF: सोना और चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट का असर ETF निवेशकों पर भी पड़ा है। कई गोल्ड ETF 5 फीसदी तक और सिल्वर ETF 8 फीसदी तक टूट गए हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स के अनुसार, लॉन्ग टर्म के लिए आउटलुक स्ट्रांग है।

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भारत

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Pawan Jayaswal

Jun 08, 2026

Gold Silver ETF

गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ काफी गिर गए हैं। (PC: AI)

Gold ETF Fall: सोना और चांदी में पिछले कुछ समय से लगातार तेजी देखने को मिल रही थी, लेकिन सोमवार को तस्वीर अचानक बदल गई। दोनों की कीमतों में आई तेज गिरावट ने ETF निवेशकों को भी बड़ा झटका दिया है। कई गोल्ड और सिल्वर ETFs में 8 फीसदी तक की गिरावट देखी गई है। सबसे ज्यादा दबाव चांदी से जुड़े ETF पर दिखाई दिया है। एचडीएफसी सिल्वर ईटीएफ, एसबीआई सिल्वर ईटीएफ, कोटक सिल्वर ईटीएफ और यूटीआई सिल्वर ईटीएफ करीब 8 फीसदी तक टूट गए। वहीं, गोल्ड ईटीएफ में भी बिकवाली देखने को मिली है।

गोल्ड ईटीएफ में भी बड़ी गिरावट

बड़ौदा बीएनपी परिबास गोल्ड ईटीएफ और कोटक गोल्ड ईटीएफ करीब 5 फीसदी तक नीचे आ गए। इसके अलावा अधिकांश गोल्ड ईटीएफ में 3 से 4 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। देश के सबसे बड़े गोल्ड ईटीएफ में शामिल निप्पोन इंडिया ईटीएफ गोल्ड बीईईएस, एसबीआई गोल्ड ईटीएफ, जेरोधा गोल्ड ईटीएफ और एचडीएफसी गोल्ड ईटीएफ भी करीब 3 फीसदी तक फिसले हैं।

सोना-चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट

गिरावट की शुरुआत कमोडिटी बाजार से हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों गिरावट के साथ ट्रेड करते दिखे। सोमवार दोपहर 3 बजे जुलाई 2026 डिलीवरी वाली चांदी का वायदा भाव 6037 रुपये टूटकर 2,42,500 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। वहीं, अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना 1894 रुपये की गिरावट के साथ 1,53,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा। इससे पहले वाले कारोबारी सत्र में भी चांदी करीब 7 फीसदी और सोना 2 फीसदी से ज्यादा गिर चुका था।

क्यों गिरे सोने-चांदी के भाव?

बाजार की चिंता सिर्फ सोने तक सीमित नहीं है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर धकेल दिया है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है। दूसरी तरफ अमेरिका से आए मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने यह डर भी बढ़ा दिया है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है या आगे फिर बढ़ा सकता है। यही वजह है कि निवेशकों का रुख बदलता नजर आ रहा है। आमतौर पर सोने को महंगाई से बचाव का जरिया माना जाता है, लेकिन जब ब्याज दरें बढ़ती हैं तो बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों जैसे सोने का आकर्षण कुछ कम हो जाता है। बाजार में अब इस साल के अंत तक फेड की ओर से एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना पर चर्चा तेज हो गई है।

बड़े शहरों में आज सोने के हाजिर भाव

शहर24 कैरेट सोना (रुपये प्रति 10 ग्राम)22 कैरेट सोना (रुपये प्रति 10 ग्राम)18 कैरेट सोना (रुपये प्रति 10 ग्राम)
चेन्नई₹1,53,490₹1,40,700₹1,17,950
मुंबई₹1,51,690₹1,39,050₹1,13,770
दिल्ली₹1,51,840₹1,39,200₹1,13,920
कोलकाता₹1,51,690₹1,39,050₹1,13,770
बेंगलुरु₹1,51,690₹1,39,050₹1,13,770
हैदराबाद₹1,51,690₹1,39,050₹1,13,770
केरल₹1,51,690₹1,39,050₹1,13,770
पुणे₹1,51,690₹1,39,050₹1,13,770
वडोदरा₹1,51,740₹1,39,100₹1,13,820
अहमदाबाद₹1,51,740₹1,39,100₹1,13,820
जयपुर₹1,51,840₹1,39,200₹1,13,920
सोर्स: गुड रिटर्न

ग्लोबल मार्केट में भी दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव साफ दिखाई दिया। स्पॉट गोल्ड करीब 0.2 फीसदी फिसलकर 4,321 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। शुक्रवार को यह लगभग 3 फीसदी टूटकर मार्च के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था। चांदी भी कमजोर रही और 67 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती दिखी। हालांकि, पैलेडियम ने बाकी कीमती धातुओं से बेहतर प्रदर्शन किया और उसमें हल्की बढ़त दर्ज हुई।

लॉन्ग टर्म का आउटलुक स्ट्रांग

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट को सिर्फ नकारात्मक नजरिए से नहीं देखना चाहिए। मनी हनी वेल्थ सर्विसेस के संस्थापक अनुप भैया के अनुसार, हाल की गिरावट के बावजूद सोने और चांदी के लिए लॉन्ग टर्म आउटलुक स्ट्रांग बना हुआ है। वैश्विक अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और महंगाई से बचाव की जरूरत भविष्य में इन धातुओं को सपोर्ट दे सकती है।

वहीं, BhilwariaFinserv के पार्टनर अभिषेक भिलवारिया का कहना है कि सोना और चांदी कई वर्षों की तेजी के बाद अब एक हेल्दी करेक्शन के दौर से गुजर रहे हैं। उनके मुताबिक निवेशकों को घबराकर फैसले लेने की बजाय धीरे-धीरे निवेश बढ़ाने की रणनीति अपनानी चाहिए। एक्सपर्ट सलाह दे रहे हैं कि एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय SIP के जरिए चरणबद्ध निवेश बेहतर विकल्प हो सकता है।